22 Feb 2026, Sun

निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री रवाना,समर्थकों ने पुलिस के साथ की जमकर धक्का-मुक्की

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बरेली में हाई वोल्टेज ड्रामा: निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री रवाना,समर्थकों ने पुलिस के साथ की जमकर धक्का-मुक्की

 

इस्तीफा, निलंबन और सुरक्षा घेरा: गंतव्य अभी भी अज्ञात, एसपी सिटी की निगरानी में रवाना

 

बरेली। निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट और पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री बुधवार को अपने सरकारी आवास से बरेली से रवाना हो गए।

 

जानकारी के अनुसार, वह दुपहर 2:20 बजे अपने सरकारी निवास से निकले, और यह पूरी प्रक्रिया एसपी सिटी मानुष पारीक की निगरानी में हुई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनका अगला ठिकाना कहां है। प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है।

 

सूत्रों के मुताबिक, अग्निहोत्री इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। वहीं कुछ अटकलें हैं कि वह लखनऊ जा सकते हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि उन्हें शामली कलेक्ट्रेट भेजा गया हो, जहां से उन्हें निलंबन के बाद संबद्ध किया गया है।

 

सरकारी आवास पर नोटिस और भारी पुलिस बल

बुधवार सुबह प्रशासन ने अलंकार अग्निहोत्री के सरकारी आवास पर नोटिस चस्पा किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात था।

 

समर्थकों ने दामोदर पार्क और आवास के आसपास जमे रहते हुए प्रशासन के साथ कई बार धक्का-मुक्की की। पुलिस लगातार अलर्ट मोड में रही। एडीएम सिटी सौरभ दुबे भी मौके पर मौजूद रहे।

 

समर्थकों की रातभर मौजूदगी और सतर्कता

इस्तीफा और निलंबन के तीसरे दिन तक अग्निहोत्री अपने आवास में ही रहे।

 

उनके समर्थक रातभर आवास और आसपास डटे रहे। समर्थकों को आशंका थी कि उन्हें कहीं गोपनीय स्थान पर ले जाया जा सकता है। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक निगरानी लगातार बनी रही।

 

दिन में इस्तीफा, रात में निलंबन यह मामला सोमवार से सुर्खियों में है। गणतंत्र दिवस के मौके पर कलक्ट्रेट में ध्वजारोहण के बाद 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अग्निहोत्री ने केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया।

 

बाद में उन्होंने डीएम से मिलने की कोशिश की, जिसमें उन्होंने 45 मिनट तक बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने इसे खारिज कर दिया। उसी रात शासन ने उन्हें निलंबित कर शामली कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया।

 

सड़क से कलक्ट्रेट तक पांच घंटे का हंगामा

निलंबन के अगले दिन मंगलवार को उन्होंने समर्थकों के साथ अपने आवास से कलक्ट्रेट तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समर्थक और पुलिस के बीच कई बार धक्का-मुक्की हुई।

 

गेट खुलने के बाद वह धरने पर बैठ गए। करीब पांच घंटे तक यह हंगामा चलता रहा। शाम को वह अपने आवास लौटे, जहां उन्हें पुनः हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

 

प्रशासन ने संभाला मोर्चा इस बीच जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया। अपर उप जिलाधिकारी राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि इस अतिरिक्त कार्यभार के लिए कोई भत्ता नहीं मिलेगा।

 

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पूरे घटनाक्रम के दौरान सीओ प्रथम आशुतोष शिवम, सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव और कई थानों के इंस्पेक्टरों के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरती।