
बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम जल्द घोषित करें सरकार..
“उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कल 15 फरवरी के बयान से यह बात स्पष्ट हो गई है कि बिंदुखत्ता राजस्व गांव की प्रक्रिया के लिए सबसे पहले डिसफॉरेस्ट करने का काम करना होगा। अब जब सरकार मे मंत्री, विधायक भी डिसफॉरेस्ट करके बिंदुखत्ता राजस्व गांव बनाने की बात कर रहे हैं तो उन्हें इस बात का भी जवाब देना चाहिए कि राज्य में पिछले 9 साल से भाजपा सरकार होने और लालकुआं से विधायक भी भाजपा का होने के बाद अब तक डिसफॉरेस्ट की प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं की गई?
साथ ही मुख्यमंत्री की 2011 और 2024 की बिंदुखत्ता राजस्व गांव की घोषणा को विलोपित क्यों कर दिया गया? और लालकुआं विधायक को इस बात का भी जवाब देना चाहिए कि जब डिसफॉरेस्ट करके ही राजस्व गांव बनाना था तो बिंदुखत्ता की जनता को 3 साल तक उन्होंने वनाधिकार के नाम पर धोखे में क्यों रखा?” भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने प्रेस बयान के माध्यम से यह बात कही.
उन्होंने कहा कि, भाकपा माले का स्पष्ट रूप से मानना रहा है कि राज्य सरकार को कैबिनेट से और विधानसभा से डिसफॉरेस्ट करने का विधिसम्मत प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजकर वहाँ से अनापत्ति प्राप्त करने के बाद बिंदुखत्ता की वन भूमि को राजस्व भूमि में हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने से ही राजस्व गांव का मार्ग प्रशस्त होगा. लेकिन लालकुआं विधायक बिंदुखत्ता की जनता को वनाधिकार पर भ्रमित कर किसी तरह अपने कार्यकाल का समय पूरा करने का काम कर रहे थे. जब बिंदुखत्ता वासियों ने जागरूक होकर 18 फरवरी को होने जा रही विशाल रैली की घोषणा की तो विधायक को अपनी कुर्सी जाने का डर सता रहा है इसलिए वह आजकल घूम घूमकर अपने चार साल का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच में रखने के बजाय विपक्ष पर हमलावर हैं और 18 की रैली के खिलाफ बोल रहे हैं. लेकिन इस बात का जवाब लालकुआं विधायक देने को तैयार नहीं हैं कि अपने कार्यकाल के विगत चार वर्षों में उन्होंने बिंदुखत्ता राजस्व गांव की प्रक्रिया को आगे क्यों नहीं बढ़ाया है? लालकुआं विधायक को बिंदुखत्ता राजस्व गांव बनाने में असफल रहने के लिए यहां की जनता से माफी माँगनी चाहिए और बिंदुखत्ता की भूमि को डिसफॉरेस्ट कर राजस्व गांव की प्रक्रिया शुरू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पेश करना चाहिए.
माले नैनीताल जिला सचिव ने कहा कि, बिंदुखत्ता का इतिहास संघर्षों का इतिहास रहा है, संघर्षों के बलबूते ही यहां की जनता ने अपने अधिकार और गांव का विकास सरकारों से छीनकर हासिल किए हैं. बिंदुखत्ता राजस्व गांव भी जनसंघर्ष के बल पर ही बनेगा, जिसकी तैयारी बिंदुखत्ता की जनता ने शुरू कर दी है और 18 फरवरी की विशाल रैली का आयोजन राज्य सरकार को बिंदुखत्ता राजस्व की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए विवश करने के लिए किया जा रहा है.
भाकपा माले बिंदुखत्ता की जनता से राजस्व गांव को लेकर 18 फरवरी लालकुआं चलो की विशाल रैली में बढ़ चढ़कर शामिल होकर सफल बनाने की अपील करती है।



