3 Mar 2026, Tue

सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी तय करने वाले पांच प्रमुख फैक्टर

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8th Pay Commission

8वां वेतन आयोग (सांकेतिक तस्वीर Getty Images)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 2, 2025 at 7:00 PM IST

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए हाल ही में टर्म ऑफ रिफ्रेंस (ToR) को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी. 28 अक्टूबर को कैबिनेट की बैठक के बाद इसकी घोषणा की गई. इसके साथ ही लाखों सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में संभावित संशोधन की तैयारी शुरू हो गई है.

केंद्र ने पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को 8वें वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है. वेतन आयोग में एक सदस्य पार्ट टाइम और एक सदस्य-सचिव शामिल होगा. साथ ही IIM बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष को सदस्य होंगे, जबकि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन को सदस्य-सचिव नियुक्त किया गया है.

सैलरी बढ़ोतरी के लिए जरूरी पांच फैक्टर
सरकार के अनुसार आठवां वेतन आयोग पांच प्रमुख आर्थिक और प्रशासनिक मानदंडों के आधार पर वेतन संशोधन निर्धारित करेगा, जो इस तरह हैं:-

1- वर्तमान आर्थिक स्थितियां और सरकार की वित्तीय क्षमता

2- यह सुनिश्चित करना कि विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध रहे.

3- वित्तपोषित न होने वाली नॉन-कॉन्ट्रिब्यबट्री पेंशन स्कीम की लागत का मूल्यांकन.

4- राज्य के वित्त पर सिफारिशों के प्रभाव का आकलन.

5- सरकारी सैलरी स्ट्रक्चर की तुलना सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के वेतनों से करना.

इन बातों का उद्देश्य कर्मचारियों के लिए उचित मुआवजा सुनिश्चित करते हुए राजकोषीय संतुलन बनाए रखना है.

आयोग की कंपोजिशन और टाइमलाइन
8वें वेतन आयोग में एक अध्यक्ष, एक पार्ट टाइम सदस्य और एक सदस्य सचिव होंगे. आयोग को 18 महीनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है, हालांकि यह इस प्रक्रिया के दौरान अंतरिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर सकता है.

लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर प्रभाव
टर्म ऑफ रिफ्रेंस (ToR) की मंजूरी वेतन संशोधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे 50 लाख से अधिक केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रक्षा कर्मियों सहित 65 लाख पेंशनभोगियों को लाभ हो सकता है. आयोग मूल वेतन संरचना, भत्तों और पेंशन ढांचों की समीक्षा करेगा, जिससे इसकी सिफारिशों के लागू होने पर संभावित रूप से अधिक टेक-होम वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त होंगे.