
उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा, मां की आंखों के सामने झील में समाया बच्चा
नई टिहरी : उत्तराखंड के टिहरी जनपद में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। कोटेश्वर बांध की झील में डूबने से सात साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है वहीं स्थानीय लोगों में THDC India Limited के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार विकासखंड चंबा की धारअकरिया पट्टी के भासौं गांव निवासी सात वर्षीय दिव्यांशु गुरुवार को अपनी मां और अन्य बच्चों के साथ मवेशी चराने तथा लकड़ियां इकट्ठा करने के लिए गांव से आगे धर्मशाला नामक तोक के नीचे गया था। इसी दौरान खेलते समय उसका पैर फिसल गया और वह सीधे झील में जा गिरा। अचानक हुए इस हादसे से साथ मौजूद बच्चे और उसकी मां घबरा गए। उन्होंने पास मौजूद रस्सी के सहारे किसी तरह बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मासूम की सांसें थम चुकी थीं।
घटना की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि झील के किनारे किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था या तारबंदी नहीं होने से ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना को गंभीर लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि इससे पहले भी भासौं गांव के एक ग्रामीण की झील में डूबने से मौत हो चुकी है। उस समय वह अपनी बेटी को बचाने के प्रयास में खुद पानी में समा गया था। इसके बावजूद बांध प्रशासन ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए।
ग्रामीणों की मांग है कि जिन स्थानों पर लोग मवेशी चराने जाते हैं वहां झील के किनारे मजबूत तारबाड़ और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बांध झीलों के आसपास सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।



