19 Oct 2026, Mon

मतदाता सूची पुनरीक्षण से फिर गरमाई सियासत

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किच्छा नगर पालिका चुनाव की आहट ? मतदाता सूची पुनरीक्षण से फिर गरमाई सियासत

 

 

रुद्रपुर/ किच्छा – नगर पालिका परिषद किच्छा में नगर पालिका अध्यक्ष एवं बोर्ड के संभावित चुनाव को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद किच्छा की निर्वाचन नामावलियों (मतदाता सूचियों) के संक्षिप्त पुनरीक्षण की घोषणा के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

 

जिलाधिकारी ने बताया कि ”निर्वाचन नामावलियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराई जाएगी। इसके तहत 12 व 13 जनवरी को मतदान स्थलवार कार्मिकों की तैनाती कर निर्वाचन नामावलियों का निरीक्षण कराया जाएगा तथा दावा–आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। 14 जनवरी को निर्वाचन नामावलियों के आलेख का प्रकाशन किया जाएगा।”

 

उन्होंने बताया कि ”15 जनवरी से 21 जनवरी तक दावे व आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी, जबकि 22 जनवरी से 25 जनवरी तक प्राप्त दावों व आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 27 व 28 जनवरी को पूरक सूचियों की पाण्डुलिपि तैयार की जाएगी। 29 जनवरी से 2 फरवरी तक पूरक सूचियों की डाटा एंट्री एवं फोटो स्टेडिंग की जाएगी। अंततः 3 फरवरी 2026 को निर्वाचन नामावलियों का जनसामान्य के लिए अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।”

 

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए निर्वाचकों की संदर्भ तिथि 1 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे सभी पात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित किए जाएंगे, जिन्होंने 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है। संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद तैयार की गई निर्वाचन नामावलियां ही आगामी सामान्य अथवा उप निर्वाचन में प्रयुक्त की जाएंगी।

 

इधर, मतदाता सूची पुनरीक्षण की इस प्रक्रिया को लेकर किच्छा में नगर पालिका चुनाव की तैयारी शुरू होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि नगर पालिका किच्छा के सिरौली कला क्षेत्र को पालिका से पृथक कर अलग नगर पालिका बनाए जाने को लेकर विवाद का मामला वर्तमान में हाई कोर्ट में लंबित है, जिसकी सुनवाई फरवरी में प्रस्तावित है।

 

ऐसे में हाई कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद निर्वाचन नामावलियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू किए जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हाई कोर्ट के निर्णय और राज्य निर्वाचन आयोग के अगले कदम के बाद किच्छा नगर पालिका चुनाव को लेकर क्या स्थिति स्पष्ट होती है।

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