
हल्द्वानी: उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह, 18,146 शिक्षार्थियों को मिली उपाधि
HALDWANI उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी का दशम दीक्षांत समारोह सोमवार को विश्वविद्यालय के सभागार में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, पीवीएस, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम ने की।
इस अवसर पर कुलाधिपति द्वारा 18,146 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर की उपाधियाँ प्रदान की गईं, जबकि 6 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया। साथ ही 2 शिक्षार्थियों को कुलाधिपति पदक, 28 को विश्वविद्यालय गोल्ड मेडल, 4 को प्रायोजित स्वर्ण पदक तथा विश्वविद्यालय के 6 शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त आईसीटी अनुभाग के इंजीनियर विनीत पौरियाल को ‘हैलो हल्द्वानी’ रेडियो ऐप तैयार करने के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारंभ शोभायात्रा, राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सत्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही किसी राष्ट्र की प्रगति का आधार है और उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को घर-घर तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया है।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने कारागारों, सेना, आईआईटी रुड़की सहित विभिन्न संस्थानों से समझौते कर शिक्षा से वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान को प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा एक सतत प्रक्रिया है और डिजिटल शिक्षा आज की आवश्यकता है।
इस अवसर पर कुलाधिपति द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में ‘शौर्य दीवार’ का लोकार्पण भी किया गया। साथ ही विभिन्न पत्रिकाओं, वार्षिक कैलेंडर एवं हिंदी वेबसाइट का भी विमोचन किया गया।
समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, शोध गतिविधियों और गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव द्वारा आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा राष्ट्रगान के पश्चात शोभायात्रा के साथ समारोह का समापन हुआ। इस अवसर पर विद्यापरिषद एवं कार्यपरिषद के सदस्य, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षार्थी उपस्थित रहे।



