19 Oct 2026, Mon

काशीपुर किसान आत्महत्या मामला: जांच से पहले एसएसपी पर सवाल उठाना कितना न्यायसंगत?

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काशीपुर किसान आत्महत्या मामला: जांच से पहले एसएसपी पर सवाल उठाना कितना न्यायसंगत?

 

काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले ने पूरे उत्तराखंड में हलचल मचा दी है। यह मामला संवेदनशील होने के साथ-साथ कई गंभीर सवाल भी खड़े करता है। आत्महत्या से पूर्व सुखवंत सिंह द्वारा जिले के पुलिस कप्तान पर लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है, यह तो निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन करना पुलिस की संवैधानिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यदि पुलिस कोर्ट के निर्देशों के विपरीत जाकर कोई कार्रवाई करती, तो यह न्यायालय की अवहेलना मानी जाती। बावजूद इसके, आज मित्र छवि वाली उत्तराखंड पुलिस और विशेष रूप से एसएसपी उधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा सवालों के घेरे में खड़े किए जा रहे हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के पिछले एक वर्ष के कार्यकाल में जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम उठाए गए हैं। उनके नेतृत्व में बड़े ड्रग्स नेटवर्क और नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई, मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया गया, वहीं कुख्यात अपराधियों और हथियार सप्लायरों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस अनुशासन को लेकर भी उन्होंने सख्त रवैया अपनाया है।

इसी सख्त और निष्पक्ष कार्यशैली का परिणाम है कि किसान आत्महत्या मामले में लापरवाही सामने आने पर आईटीआई थाना प्रभारी और एक उप निरीक्षक को तत्काल निलंबित किया गया, जबकि पैगा चौकी इंचार्ज सहित संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। यह स्पष्ट करता है कि एसएसपी मणिकांत मिश्रा किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करते और जवाबदेही तय करने में पीछे नहीं हटते।

ऐसे में बिना जांच पूरी हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पर सीधे आरोप लगाना न केवल जल्दबाजी है, बल्कि न्याय की मूल भावना के भी विपरीत है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालना और जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखना आवश्यक है।

निस्संदेह, किसान सुखवंत सिंह की मृत्यु एक अत्यंत दुखद घटना है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि जांच पूरी होने से पहले किसी जिम्मेदार अधिकारी की निष्पक्ष और कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली पर सवाल न उठाए जाएं।

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