22 Feb 2026, Sun

पैसा डबल करने का झांसा…हो गया करोड़ों का घपला, आयुक्त का कड़ा एक्शन

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पैसा डबल करने का झांसा…हो गया करोड़ों का घपला, आयुक्त का कड़ा एक्शन

 

हल्द्वानी। मंडलायुक्त दीपक रावत जनता की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं। इस क्रम में कुसुमखेड़ा निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी के सीईओ द्वारा निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की गई है और लोगों की जमा धनराशि वापस नहीं की जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त ने कंपनी के सीईओ बिमल रावत को कार्यालय में तलब किया, लेकिन संतोषजनक जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर प्रशासनिक टीम के साथ सतलोक कॉलोनी, फेज-6 स्थित कंपनी कार्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने कंपनी से जुड़े दस्तावेज, लेन-देन का विवरण और बैलेंस शीट मांगी, लेकिन सीईओ किसी भी प्रकार का प्रमाण या ऑनलाइन डेटा प्रस्तुत नहीं कर पाए।

निरीक्षण के दौरान करीब 10 से 11 अन्य पीड़ित निवेशक भी मौके पर पहुंचे और अपनी धनराशि वापस दिलाने की मांग की। पूछताछ में सीईओ ने स्वीकार किया कि कंपनी के नाम पर निवेश करने के बजाय व्यक्तिगत रूप से दो स्थानों पर जमीन खरीदी गई है। साथ ही यह भी सामने आया कि कंपनी पर करीब 3,900 लोगों की देनदारी है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी के आईडीएफसी बैंक खाते में मात्र 42,455 रुपये और एचडीएफसी बैंक खाते में लगभग 50 हजार रुपये शेष हैं, जबकि 25 महीनों में पैसा दोगुना करने का लालच देकर करीब 8,000 लोगों से लगभग 39 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। कंपनी द्वारा मिडिएटर्स को इंसेंटिव देने की योजना भी चलाई जा रही थी।

मामले को गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी मानते हुए मंडलायुक्त ने मल्टीलेवल मार्केटिंग और पिरामिड स्कीम से जुड़े नियमों के उल्लंघन, कंपनी एक्ट के उल्लंघन और कंपनी फंड के दुरुपयोग के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित निवेशकों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, वित्त नियंत्रक सूर्य प्रताप सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी और पीड़ित निवेशक मौजूद रहे।