1 Mar 2026, Sun

साइबर हमले से सख्त हुआ (आईटीडीए)- 31 मार्च तक सुरक्षा ऑडिट कराओ नहीं तो बंद होंगी विभागीय वेबसाइटें

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सावधान ! साइबर हमले से सख्त हुआ (आईटीडीए)- 31 मार्च तक सुरक्षा ऑडिट कराओ नहीं तो बंद होंगी विभागीय वेबसाइटें

 

 

साइबर हमले से सख्त हुआ (आईटीडीए)- 31 मार्च तक सुरक्षा ऑडिट कराओ नहीं तो बंद होंगी विभागीय वेबसाइट

 

Uttrakhand प्रदेश में 3 अक्तूबर 2024 को हुए सबसे बड़े साइबर हमले के बावजूद कई सरकारी विभाग अब भी सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर नहीं हैं। उस हमले के चलते लगभग दस दिन तक सभी विभागों की वेबसाइटें बंद रहीं थीं। घटना से सबक लेते हुए सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने सुरक्षा व्यवस्था के मानकों में बदलाव किया और सभी विभागों को सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकांश विभागों ने अब तक इसका पालन नहीं किया।

इस स्थिति से चिंतित आईटीडीए ने अब सभी विभागाध्यक्षों और सचिवों को कड़ा पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन विभागों की वेबसाइट या मोबाइल एप का सुरक्षा ऑडिट 31 मार्च तक पूरा नहीं होगा, उनकी सेवाएं राज्य डाटा सेंटर से बंद कर दी जाएंगी। एजेंसी ने विभागों से वेबसाइट के क्रेडेंशियल, तकनीकी विवरण और कार्यात्मक वॉकथ्रू उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि साइबर सुरक्षा परीक्षण कराया जा सके।

 

दरअसल, 2024 के साइबर हमले के बाद यह तय हुआ था कि स्टेट डाटा सेंटर में होस्ट सभी वेबसाइटों और एप्लिकेशन का सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य होगा। इसके लिए विभागों को लगातार पत्र भेजे जा रहे हैं, लेकिन कई विभाग अब तक आवश्यक जानकारी नहीं दे पाए हैं।

 

निजी डेवलपर्स से बनी वेबसाइटें बनी समस्या

 

कुछ विभागों ने अपनी वेबसाइट और मोबाइल एप निजी व्यक्तियों या कंपनियों से विकसित कराए थे, जिनका अब कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। कई मामलों में डेवलपर्स का पता भी नहीं चल पा रहा, जिससे तकनीकी जानकारी जुटाने में दिक्कत आ रही है और ऑडिट प्रक्रिया अटकी हुई है।

केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी पोर्टल और एप्लिकेशन का सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य है। बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए राज्य सरकार डिजिटल अवसंरचना को सुरक्षित करने को प्राथमिकता दे रही है। राज्य साइबर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल की ओर से यह ऑडिट किया जाएगा, जिससे डाटा चोरी और हैकिंग जैसी आशंकाओं को रोका जा सके