19 Oct 2026, Mon

काशीपुर के नेता पर पौड़ी गढ़वाल की महिला नेत्री ने दर्ज करवाया मुकदमा

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काशीपुर के नेता पर पौड़ी गढ़वाल की महिला नेत्री ने दर्ज करवाया मुकदमा

 

 

काशीपुर: पौड़ी गढ़वाल की भाजपा महिला मोर्चा की नेत्री ने काशीपुर के यूकेएफ नेता पर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस ने भाजपा नेत्री की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

 

भाजपा महिला मोर्चा की नेत्री बबीता रावत ने थाना प्रभारी पौड़ी को तहरीर देकर बताया कि आयुष रावत जो कि यूकेएफ यूथ विंग के केन्द्रीय पदाधिकारी हैं तथा काशीपुर उधम सिंह नगर के रहने वाले हैं, के द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर एक विडियों लिंक पोस्ट किया है। उक्त वीडियो में उन्होंने उत्तराखण्ड में जीडीएस की भर्ती के सम्बन्ध में भ्रामक, तथ्यहीन तथा भडकाऊ बयान दिए हैं।

 

बबीता रावत ने कहा कि आयुष रावत ने यह दावा किया है कि 80 में से 75 चयनित अभ्यार्थी हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से हैं, जो राज्य सरकार की अक्षमता के कारण हैं। उत्तराखण्ड सरकार जानबूझकर राज्य के युवाओं को रोजगार नहीं दे रही है और उन्हे पलायन के लिए मजबूर कर रही है। बाहरी लोगों को लाकर राज्य के संसाधनों का शोषण किया जा रहा है।

 

बबीता रावत ने कहा कि वास्तविकता यह है कि ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) की भर्ती इंडियन पोस्ट द्वारा की जाती है। जो कि केन्द्र सरकार के अधीन एक संस्था है, इस भर्ती में देश का कोई भी पात्र नागरिक आवेदन कर सकता है और चयन/ पोस्टिंग केन्द्रीय नियमों के अनुसार होती है। राज्य सरकार का इस प्रकिया में कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होता।

 

बबीता रावत ने कहा कि उक्त वीडियो में दिए गए बयान पूर्णतः भ्रामक हैं और आम जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से प्रसारित किए गए प्रतीत होते हैं। ऐसी सामग्री विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच वैमनस्य उत्पन्न कर सकती है। सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता को प्रभावित कर सकती है। उत्तराखण्ड के लोगों के साथ अन्य राज्यों में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न कर सकती है, जन शक्ति एवं कानून व्यवस्था को बाधित कर सकती है।

 

बबीता रावत ने आयुष रावत के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। पौड़ी पुलिस द्वारा अग्रसारित तहरीर के आधार पर काशीपुर पुलिस ने आयुष रावत के खिलाफ बीएनएस की धारा 196 ( विभिन्न समूहों के बीच धर्म, जाति, भाषा या निवास के आधार पर शत्रुता, घृणा या वैमनस्य फैलाने को अपराध बनाती है। यह सार्वजनिक शांति भंग करने या किसी समूह के खिलाफ हिंसा भड़काने वाली गतिविधियों (जैसे ड्रिल, अभ्यास) को प्रतिबंधित करती है।),

 

353 (धारा 353 उन मामलों को संबोधित करती है, जिनमें झूठे बयान, अफवाहें या रिपोर्ट्स (Reports) बनाने, प्रकाशित करने या प्रसारित करने से लोक व्यवस्था बाधित होती है। यह कानून ऐसे कृत्यों को रोकने और दंडित करने का प्रावधान करता है, जिनसे सामाजिक अशांति या वर्ग संघर्ष हो सकता है।) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई संजय सिंह के हवाले की है।

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