19 Oct 2026, Mon

महिला शक्ति का गौरव: उत्तराखंड पुलिस में VVIP सुरक्षा में महिलाओं की अग्रणी भूमिका

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महिला शक्ति का गौरव: उत्तराखंड पुलिस में VVIP सुरक्षा में महिलाओं की अग्रणी भूमिका

 

देहरादून, 14 अप्रैल 2026 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून भ्रमण कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था में उत्तराखंड पुलिस ने महिला शक्ति को विशेष महत्व देते हुए एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड के तहत लगभग 550 महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को SSP स्तर से लेकर कांस्टेबल तक की भूमिकाओं में रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। यह तैनाती VVIP रूट, कार्यक्रम स्थल, कंट्रोल रूम और संवेदनशील पॉइंट्स पर की गई है।

 

उत्तराखंड पुलिस के डीजीपी दीपम सेठ ने इस मौके पर कहा कि VVIP सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं को अग्रणी भूमिका देकर उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इससे सुरक्षा प्रबंधन में बेहतर समन्वय, संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता और प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की पेशेवर दक्षता, प्रतिबद्धता और सजगता पूरे कार्यक्रम को और अधिक सुरक्षित तथा सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

 

यह कदम न केवल सुरक्षा को मजबूत बनाता है बल्कि महिलाओं को पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में समान अवसर प्रदान करके उन्हें प्रोत्साहित भी करता है। आज की महिला पुलिसकर्मी न सिर्फ कर्तव्यनिष्ठा से ड्यूटी निभा रही हैं, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रही हैं कि साहस, अनुशासन और बुद्धिमत्ता के मामले में वे किसी से कम नहीं हैं।

 

डीजीपी दीपम सेठ ने महिला पुलिसकर्मियों की इस सक्रिय भागीदारी को उत्तराखंड पुलिस के इतिहास में एक स्वर्णिम पल बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा व्यवस्था की कमान सौंपने से पूरे ऑपरेशन में संवेदनशीलता और व्यावसायिकता दोनों बढ़ रही है।

 

यह पहल उन हजारों युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो पुलिस सेवा में आने का सपना देखती हैं। यह साबित करता है कि समर्पण और प्रशिक्षण के साथ महिलाएं किसी भी चुनौतीपूर्ण भूमिका को बखूबी निभा सकती हैं। उत्तराखंड पुलिस का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत मिसाल है, जो भविष्य में और अधिक महिलाओं को उच्च स्तरीय सुरक्षा ड्यूटी में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा।

 

महिलाओं की इस उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है। यह न केवल पुलिस बल को मजबूत बनाती है बल्कि एक समान और प्रगतिशील समाज की नींव भी रखती है।

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