देहरादून में स्कूल बस-वैन किराया पर स्पष्टता: तय दरें सिर्फ अधिकतम, मनमाने बढ़ोतरी पर रोक
स्कूल परिवहन शुल्क को लेकर जारी असमंजस के बीच परिवहन विभाग ने स्थिति साफ कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में तय की गई बस और वैन की किराया दरें अधिकतम (मैक्सिमम) हैं, न कि अनिवार्य दरें। ऐसे में यदि किसी स्कूल में अभिभावकों और प्रबंधन की आपसी सहमति से पहले से कम किराया लिया जा रहा है, तो उसमें बढ़ोतरी करना आवश्यक नहीं है।
दरअसल, परिवहन विभाग द्वारा स्कूली बसों और वैन के लिए अधिकतम मासिक किराया तय किया गया था। इसके बाद कुछ स्कूलों द्वारा इन आदेशों का हवाला देते हुए किराये में बढ़ोतरी किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण एसके सिंह ने स्पष्ट किया कि निर्धारित दरों से अधिक शुल्क लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि तय किराये में आने-जाने की कुल दूरी शामिल है। साथ ही, स्कूल प्रबंधन को प्रत्येक बस के रूट, स्टॉपेज और दूरी के आधार पर तय परिवहन शुल्क को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
वहीं, वैन संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित अधिकतम दरों से ज्यादा किराया न लें। चेकिंग के दौरान उन्हें अभिभावकों या विद्यार्थियों को जारी की गई रसीद दिखानी होगी। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मासिक किराये की अधिकतम दरें इस प्रकार हैं:
बसों के लिए:
1 से 10 किमी: 2200 रुपये
10 से 20 किमी: 2700 रुपये
20 से 30 किमी: 3200 रुपये
30 किमी से अधिक: 3700 रुपये
वैन के लिए:
1 से 5 किमी: 2100 रुपये
5 से 10 किमी: 2500 रुपये
10 से 20 किमी: 3000 रुपये
20 किमी से अधिक: 3500 रुपये
परिवहन विभाग के इस स्पष्टीकरण से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का दबाव भी बढ़ेगा।






