तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को मिली ‘Z+’ सुरक्षा, साए की तरह साथ रहेंगे 36 NSG कमांडो
विजय को पहले ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे अब बढ़ाकर ‘Z+’ श्रेणी कर दिया गया है.
चेन्नईः तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को ‘Z+’ श्रेणी का सुरक्षा घेरा दिया गया है. विधानसभा सत्र खत्म होने से पहले ही मुख्यमंत्री विजय को ‘Z+’ श्रेणी का सुरक्षा कवच दे दिया गया है. इस व्यवस्था के तहत, 55 केंद्रीय सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे उनकी सुरक्षा करेंगे. इस सुरक्षा दल में NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) के कमांडो भी शामिल हैं. विजय को पहले ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे अब बढ़ाकर ‘Z+’ श्रेणी कर दिया गया है.
इस सुरक्षा बल के सभी जवान अत्याधुनिक MP5 सबमशीन गन से लैस होंगे. साथ ही, विजय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बुलेटप्रूफ वाहन और एक पायलट कार भी प्रदान की गई है. ‘Z+’ श्रेणी भारत में VIPs को दी जाने वाली सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा है. यह सुरक्षा उन नेताओं और प्रमुख राजनेताओं को दी जाती है जिनकी जान को खतरा होता है. इस श्रेणी में 36 कमांडो, आधुनिक हथियार और बुलेटप्रूफ गाड़ी शामिल होती है.
सुरक्षा की मुख्य विशेषताएं
सुरक्षा स्तर: भारत की सर्वोच्च ‘Z+’ कैटेगरी
जवानों की संख्या: 55 सुरक्षाकर्मी (36 कमांडो समेत)
हथियार: अत्याधुनिक MP5 सबमशीन गन
स्पेशल यूनिट: NSG कमांडो की तैनाती
सुविधा: बुलेटप्रूफ गाड़ी और पायलट कार
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी ने पहली बार चुनाव लड़ा था. विजय की ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने 108 सीटों पर जीत हासिल की और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. इसके बाद, कांग्रेस सहित अन्य दलों का समर्थन प्राप्त करके, पार्टी ने विधानसभा में बहुमत के आंकड़े को छू लिया है.
सी. जोसेफ विजय ने कल (10 मई) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया. उनके साथ सेंगोट्टईयन, आधाव अर्जुना और एन. आनंद सहित नौ अन्य मंत्रियों ने भी पद की शपथ ली. इसके बाद, 17वीं तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र सोमवार सुबह लगभग 9:30 बजे शुरू हुआ. प्रोटेम स्पीकर करुपैया ने नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलायी. विजय ने पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक के रूप में शपथ ली.
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय विधानसभा सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद दोपहर लगभग 2:30 बजे पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से मिलने उनके घर पहुंचे. बताया जा रहा है कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी.






