आरक्षण हमारा अधिकार है — सत्येंद्र कुमार ने बंगाली समाज के संघर्ष को बताया न्याय की लड़ाई!
बंगाली समाज के आरक्षण, बांग्ला भाषा को मान्यता तथा समाज के विभिन्न अधिकारों की मांग को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को लगातार विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों का समर्थन प्राप्त हो रहा है। धरने के दौरान आजाद समाज पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार अपने साथियों विजय कुमार, बलराम, राजेंद्र, टोनी पठान, जालंधर सिंह, विजय सागर, सोमपाल सागर, राहुल सागर, संजू सागर, वीरेंद्र कुमार, वासुदेव मित्र, अशोक कुमार, वासुदेव विश्वास, विक्की कुमार, विशाल शाह एवं बापी दास के साथ धरना स्थल पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
रुद्रपुर आरक्षण हमारा अधिकार रविंद्र नाथ टैगोर पार्क रूद्रपुर धरना स्थल पर पहुंचकर सत्येंद्र कुमार ने कहा कि बंगाली समाज वर्षों से अपने अधिकारों की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से सरकार के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे सुब्रत कुमार विश्वास ने कहा कि बंगाली समाज के अधिकारों की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा और एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से बंगाली समाज की मांगों की अनदेखी की जा रही है, जबकि समाज के लोग शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं।
सुब्रत कुमार विश्वास ने कहा कि समाज के बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेतृत्व को भी इस विषय पर खुलकर आगे आना चाहिए। उनका कहना था कि यदि समय रहते समाज संगठित नहीं हुआ तो भविष्य में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उन्होंने बताया कि देशभर से बंगाली समाज के लोगों का समर्थन आंदोलन को मिल रहा है, जिससे आंदोलन को नई ऊर्जा प्राप्त हो रही है।
इस दौरान समाजसेवी रिपन सरकार ने कहा कि छात्र जीवन से लेकर वर्तमान तक बंगाली समाज के विभिन्न मुद्दों को लेकर कई बार प्रशासन और सरकार के समक्ष मांगें रखी गईं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि चाहे पूर्व की सरकारें रही हों या वर्तमान सरकार, बंगाली समाज की कई महत्वपूर्ण मांगें आज भी अधूरी हैं।
उन्होंने कहा कि बंगाली समाज को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और आरक्षण, भाषा एवं अन्य सामाजिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक निर्णय लेकर समाज को न्याय प्रदान करेगी।
धरना स्थल पर उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा तथा जब तक मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
धरने को समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से सत्येंद्र कुमार, विजय कुमार, बलराम, राजेंद्र, टोनी पठान, जालंधर सिंह, विजय सागर, सोमपाल सागर, राहुल सागर, संजू सागर, वीरेंद्र कुमार, वासुदेव मित्र, अशोक कुमार, वासुदेव विश्वास, विक्की कुमार, विशाल शाह, बापी दास, रिपन सरकार एवं अन्य समाजसेवी उपस्थित रहे।






