2 Sep 2026, Wed

रुद्रपुर में किसानों का तीन दिवसीय आंदोलन स्थगित, मांगें पूरी नहीं हुईं तो देहरादून में होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन

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रुद्रपुर में किसानों का तीन दिवसीय आंदोलन स्थगित, मांगें पूरी नहीं हुईं तो देहरादून में होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन

 

रुद्रपुर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का जिला मुख्यालय पर चल रहा तीन दिवसीय धरना रविवार को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता के नेतृत्व में किसानों ने प्रभारी जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय को मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की। किसानों ने साफ चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो अगला आंदोलन देहरादून में होगा और इसे अनिश्चितकालीन किया जा सकता है।

 

धरने के अंतिम दिन बड़ी संख्या में किसान जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने कहा कि तीन दिवसीय धरना समाप्त हुआ है, लेकिन किसानों का संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है। सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत से वार्ता कर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ देहरादून पहुंचेंगे। किसानों से राशन, भोजन और अन्य जरूरी सामान साथ रखने की अपील करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि अगला आंदोलन अनिश्चितकालीन हो सकता है। सहोता ने सरकार से टकराव की स्थिति बनने से पहले किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

 

ज्ञापन में उठाईं कई प्रमुख मांगें

 

किसानों ने सभी ट्यूबवेलों के बिजली बिल माफ करने और घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की मांग की। इसके साथ किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने तथा पहाड़ी जिलों के किसानों को प्रतिमाह 20 हजार रुपये देने की मांग भी उठाई गई।

 

बाजपुर के 20 गांवों की भूमि से संबंधित खाद, लोन और क्रय-विक्रय पर लगी रोक हटाने तथा किसानों को भूमि पर पूर्ण अधिकार देने की मांग की गई। वहीं काशीपुर की बंद पड़ी चीनी मिल से संबंधित वर्ष 2007 के करीब एक करोड़ रुपये और वर्ष 2011-12 के लगभग 25 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

 

किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने और पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर हटाने, गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति क्विंटल करने तथा सभी वर्गों के किसानों को भूमि का हक-कब्जा देने की मांग भी रखी।

 

सोमवार को होगी किसानों की वार्ता

 

प्रभारी जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर तीन बजे किसानों के कुछ पदाधिकारियों की जिलाधिकारी के समक्ष वार्ता कराई जाएगी। बैठक में किसानों की मांगों पर चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

 

उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के बेटे की तबीयत खराब होने के कारण वह स्वयं किसानों के बीच नहीं पहुंच सके। किसानों ने भी मानवीय संवेदना दिखाते हुए स्थिति को समझा और कहा कि ऐसी परिस्थिति में वे जिलाधिकारी को किसी प्रकार की परेशानी नहीं देना चाहते।

 

तीन दिवसीय धरना पूरा होने के बाद किसानों ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया, लेकिन संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी वार्ता और सरकार की कार्रवाई से संतोषजनक समाधान नहीं मिला तो आंदोलन दोबारा तेज किया जाएगा।

 

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