1 Mar 2026, Sun

मनसार मेले में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

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पौड़ी के मनसार मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़,

सीता माता सर्किट प्रोजेक्ट को लेकर पूर्व विधायक ने जगाई उम्मीद

पौड़ी गढ़वाल,कोट ब्लॉक की सितोनस्यूं पट्टी में हर साल आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मनसार मेले में रविवार की शाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। परंपरा के अनुसार देवल गांव स्थित लक्ष्मण मंदिर से ग्रामीण ढोल-दमाऊं और ध्वज निशानों के साथ फलस्वाड़ी गांव पहुंचे, जहां धार्मिक अनुष्ठान पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न किए गए।

कोटसाड़ा गांव से आए ग्रामीण बबले (घास) की रस्सी और दूण-कंडी (मिठाई की टोकरी) लेकर मेले में शामिल हुए। फलस्वाड़ी पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने निशान लगी लकड़ियों से खेत की खुदाई की और इस दौरान सीता माता के शिलारूपी दर्शन किए।

मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रदीप भट्ट ने बताया कि मान्यता है कि जब भगवान राम ने सीता माता को वनवास भेजा था, तब लक्ष्मण ने उन्हें फलस्वाड़ी गांव में ही छोड़ा था। यहीं सीता माता धरती में समा गई थीं, जिसके स्मरण में यह मेला हर वर्ष आयोजित किया जाता है।

मेले में पहुंचे पौड़ी विधानसभा के पूर्व विधायक मुकेश कोहली ने कहा कि सीता माता सर्किट का सपना एक बार फिर जीवंत करने का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि उनके विधायक कार्यकाल के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की घोषणा के अनुसार, सीता माता सर्किट परियोजना पर कार्य प्रारंभ किया गया था।

इस सर्किट में देवप्रयाग स्थित रघुनाथ मंदिर, विदाकोटी का सीता माता मंदिर, सीतासैंण का शिव मंदिर, मुछियाली गांव का सीता माता मंदिर और देवल गांव का लक्ष्मण मंदिर शामिल किए गए थे। इसके लिए एक ट्रस्ट का गठन भी किया गया था, लेकिन कोविड-19 महामारी और नेतृत्व परिवर्तन के कारण परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ गई।

पूर्व विधायक कोहली ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह महत्वाकांक्षी “सीता माता सर्किट प्रोजेक्ट” फिर से गति पकड़ेगा और जल्द ही इसे मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

मेले में श्रद्धालुओं ने भक्ति, परंपरा और आस्था के संगम का अद्भुत नजारा प्रस्तुत किया, जबकि स्थानीय कलाकारों के प्रदर्शन ने धार्मिक वातावरण को और भी जीवंत बना दिया।