30 Nov 2025, Sun

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गढ़वाल कुमाऊँ मंडल को जोड़ने वाली कंडी सड़क खुलने की उम्मीदें फिर जगीं

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गढ़वाल कुमाऊँ मंडल को जोड़ने वाली कंडी सड़क खुलने की उम्मीदें फिर जगीं

 

माननीय उच्चतम न्यायालय के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीश की बेंच के 17 /11 /2025 के आदेश में जिसमें सभी नेशनल पार्कों के लिए एक जैसे नियम बनाने , इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास योजनाओं,धार्मिक स्थानों को आपस में जोड़ने तथा स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखने को देखते हुए लीइनर डेवलपमेंट की बात कही गई जिससे लंबे समय से चली आ रही कंडी सड़क को आम यातायात खोलने एवं तमाम विकास योजनाओं का रास्ता साफ हो गया है।

 

संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े तथा याचिका कर्ता पीसी जोशी, प्रभात ध्यानी, ललित उप्रेती,भुवन पांडे ,आसिफ ने पत्रकार वार्ता में बताया कि उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य है जिसमें प्रदेश की सीमा अंतर्गत से एक मंडल से दूसरे मंडल आने- जाने के लिए अस्थाई राजधानी देहरादून माननीय उच्च न्यायालय आने-जाने के लिए लोगों को अपनी सड़क होने के बावजूद भी उत्तर प्रदेश सीमा अंतर्गत सड़क मार्ग से जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

 

जिसके लिए लोगों के द्वारा कई बार आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा उच्चतम न्यायालय जाने को मजबूर होना पड़ा। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 17 नवंबर 2025 को चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच के द्वारा दिए गए आदेश के बाद लंबे समय से उत्तराखंड की सीमा अंतर्गत रामनगर कालागढ़ कोटद्वार मोटर मार्ग जिसे कंडी सड़क के नाम से जाना जाता है उसके आम यातायात के लिए खुलने की संभावना बढ़ गई है।

 

पीसी जोशी, प्रभात ध्यानी ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश के नेशनल पार्क को अभ्यारण के लिए एक नीति बनाने की बात की गई है तथा विकास से जुड़ी योजनाओं धार्मिक स्थान को जोड़ने बिजली सड़क पानी के लिए लाइनर डेवलपमेंट की बात अपने आदेश में की गई है अवगत कराना है कि नेशनल पार्क को अभ्यारण की वजह से केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में अवरोध पैदा हो रहा था। प्रभात ध्यानी ने बताया कि इस संबंध में शीघ्र ही रामनगर कोटद्वार में आम लोगों जनपद हिंदुओं के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी तथा सरकार पर कंडीशन सड़क को आम यातायात हेतु खोलने के लिए दबाव बनाया जाएगा।