19 Oct 2026, Mon

कांग्रेस का सियासी शतरंज, ऐसे कटेगी टिकट की पर्ची

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उत्तराखंड 2027 का महारण…कांग्रेस का सियासी शतरंज, ऐसे कटेगी टिकट की पर्ची

 

 

उत्तराखंड में वर्ष 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर ‘हैट्रिक’ लगाने की तैयारी में है, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी किसी भी सूरत में सत्ता से दूर नहीं रहना चाहती।

 

चुनाव को देखते हुए दोनों दलों ने जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। संभावित उम्मीदवारों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता तेज कर दी है। इस बीच कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि 2027 के चुनाव में टिकट वितरण को लेकर विशेष रणनीति अपनाई जाएगी। पार्टी का फोकस ऐसे उम्मीदवारों पर रहेगा जो न सिर्फ मेहनती हों, बल्कि जीतने की मजबूत स्थिति में भी हों।

 

कांग्रेस के प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठनात्मक और जमीनी स्तर पर तैयारियां कर रही है। हाल ही में आयोजित रैली इसी रणनीति का हिस्सा थी। बूथ स्तर से लेकर विधानसभा और प्रदेश स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है।

 

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर चुनाव में टिकट के दावेदारों की संख्या अधिक होती है और टिकट न मिलने पर कई नेता असंतुष्ट होकर निर्दलीय चुनाव भी लड़ लेते हैं। ऐसे में इस बार प्रत्याशियों के चयन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

 

हरक सिंह रावत के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टी सर्वे भी कराएगी, ताकि प्रत्येक विधानसभा सीट की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि उन्हें प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों की राजनीतिक स्थिति की पूरी जानकारी है और उसी आधार पर पार्टी रणनीति तैयार कर रही है।

 

स्पष्ट है कि 2027 का चुनाव उत्तराखंड की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, इसलिए दोनों प्रमुख दल अभी से पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं।

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