1 Mar 2026, Sun

धार्मिक जगत में शोक,हर दिल में अपनी छाप छोड़ गए महंत श्री राजेंद्र अग्रवाल जी

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श्री बालाजी धाम, दिनेशपुर के महंत श्री राजेंद्र अग्रवाल जी प्रभु चरणों में लीन — धार्मिक जगत में शोक की लहर

 

श्री बालाजी धाम दिनेशपुर के प्रमुख महंत श्री राजेंद्र अग्रवाल जी अब प्रभु चरणों में विलीन हो गए। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे गुरुजी का लगातार उपचार जारी था। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आने के बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश ले जाया जा रहा था, किंतु मार्ग में ही उनका स्वास्थ्य अत्यधिक बिगड़ गया और उन्होंने वहीं अपनी अंतिम सांसें लीं।

 

गुरुजी के ब्रह्मलीन होने की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। नगर में गहरा सन्नाटा छा गया और श्रद्धालु, शिष्य एवं भक्तगण दूर-दूर से रुद्रपुर पहुंचे। बुधवार को गुरुजी का अंतिम संस्कार रुद्रपुर के श्मशान घाट में किया गया, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने पूज्य गुरु के अंतिम दर्शन किए।

 

गुरुजी अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को श्री बालाजी महाराज की सेवा में समर्पित कर चुके थे। उनका जीवन सादगी, भक्ति, ईमानदारी और समाज सेवा का अद्भुत संगम था। महंत श्री राजेंद्र अग्रवाल जी न केवल श्री बालाजी धाम के अधिष्ठाता के रूप में पूजनीय रहे, बल्कि उन्होंने समाज में धर्म, प्रेम और सेवा का संदेश फैलाया।

 

उनका स्वभाव अत्यंत मधुर और सरल था — वे छोटे-बड़े सभी के प्रति स्नेह और सम्मान का भाव रखते थे। उनकी वाणी में वह प्रभाव था जो सीधे हृदय को स्पर्श कर जाता था। गुरुजी के सान्निध्य में रहने वाला हर व्यक्ति आज अपने आप को धन्य मानता है।

 

अंतिम संस्कार में नगर की धार्मिक, राजनीतिक और व्यापारिक हस्तियों के साथ-साथ हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरुजी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें भक्ति, सेवा और त्याग का प्रतीक बताया।

 

गुरुजी के ब्रह्मलीन होने से समूचे क्षेत्र में शोक की लहर है, परंतु उनके द्वारा दिखाया गया सेवा, भक्ति और धर्म मार्ग सदैव श्रद्धालुओं का पथ प्रकाशित करता रहेगा।

 

“गुरुजी चले गए, पर उनकी वाणी और आशीष सदैव हमारे जीवन में आलोक बनकर रहेंगा