
कोतवाली परिसर में *अल्पसंख्यक अधिकार दिवस* के अवसर पर आयोजित गोष्ठी के संबंध में मुस्लिम समुदाय के जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक व्यक्तियों द्वारा *सामूहिक बहिष्कार* करते हुए विधिवत *आपत्ति दर्ज कराई गई*।
यह बहिष्कार *रुद्रपुर ईदगाह प्रकरण* तथा हाल के दिनों में कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा मीडिया में दिए जा रहे *नफरतपूर्ण एवं संविधान विरोधी बयानों* के विरोध स्वरूप किया गया। समुदाय का स्पष्ट मत है कि जब अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों, सामाजिक अधिकारों एवं संवैधानिक सुरक्षा से जुड़े गंभीर विषय लंबित हों, तब औपचारिक कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकार दिवस मनाना सार्थक नहीं है।
उक्त अवसर पर यह भी अवगत कराया गया कि *जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्रीमती नंदनी तोमर* उस समय देहरादून में होने के कारण उपस्थित नहीं थीं। उनके स्थान पर *ADO श्रीमती प्रीति नेगी साहिबा* एवं *ADO श्री चंद्र प्रकाश रावत जी* रुद्रपुर कोतवाली पहुंचे, जिनके समक्ष समुदाय की ओर से *ऑडियो माध्यम से आपत्ति एवं बहिष्कार दर्ज कराया गया*।
आपत्ति में यह प्रमुख रूप से रेखांकित किया गया कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी केवल कार्यक्रम आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि—
• अल्पसंख्यकों के *आर्थिक, सामाजिक एवं धार्मिक अधिकारों की वास्तविक समीक्षा*,
• *धार्मिक स्थलों की सुरक्षा*,
• तथा *संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों के संरक्षण* को सुनिश्चित करना भी विभाग का दायित्व है।
समुदाय की ओर से यह निवेदन किया गया कि निकट भविष्य में *पुनः एक नई तिथि निर्धारित कर* अल्पसंख्यकों के वास्तविक मुद्दों पर *गंभीर, निष्पक्ष एवं परिणामोन्मुख बैठक* आयोजित की जाए।
यह *बहिष्कार एवं आपत्ति*
*सम्मानित पार्षद एवं नगर प्रवक्ता श्री परवेज़ कुरैशी* की *कयादत* में दर्ज कराई गई।
उक्त पूरे घटनाक्रम में निम्न प्रमुख लोग उपस्थित रहे—
• पार्षद श्री परवेज़ कुरैशी (भूत बंगला)
• पार्षद श्री अशफाक अंसारी (रेशमबाड़ी)
• वक़्फ़ प्रबंधक के प्रतिनिधि श्री राजू मियां
• श्री इरफान अली
• श्री मोहम्मद समीर खान (भूत बंगला)
• एवं अन्य सामाजिक प्रतिनिधिगण
इस संपूर्ण बहिष्कार एवं आपत्ति की अगुवाई
*असगर रज़ा*
*प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी*
*जमीयत-ए-उलेमा-ए-हिन्द, उत्तराखंड*
की कयादत में की गई।
- *— जारीकर्ता*
*असगर रज़ा*
*प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी*
*जमीयत-ए-उलेमा-ए-हिन्द, उत्तराखंड*



