
नैनीताल में 12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामला:आरोपी उस्मान की याचिका पर राहत नहीं; हाईकोर्ट ने दूसरी बेंच को भेजा
नैनीताल,आरोपी उस्मान की याचिका पर राहत नहीं; हाईकोर्ट ने दूसरी बेंच को भेजा|नैनीताल
उत्तराखंड हाई कोर्ट में नैनीताल की 12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में आरोपी उस्मान खान की याचिका पर सुनवाई हुई। आरोपी जमानत और जल्द सुनवाई की मांग लेकर कोर्ट पहुंचा था, पर उसे कोई राहत नहीं मिल सकी।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि मूल बेंच इस महीने उपलब्ध नहीं है, इसलिए मामले को दूसरी एकल पीठ के समक्ष भेजा जा रहा है, जहां जल्द सुनवाई संभव हो सकेगी। आरोपी पक्ष द्वारा लगाए गए सभी दावों पर कोर्ट ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
मामला लंबे समय से लंबित है और एफएसएल रिपोर्ट अभी तक अदालत में पेश नहीं की गई है। कोर्ट ने अपने पुराने आदेश का जिक्र करते हुए बताया कि जांच अधिकारी पर लगाए गए ₹10,000 के जुर्माने की राशि जमा हो चुकी है और उस आदेश से संबंधित प्रार्थना पत्र का निस्तारण किया जा चुका है।
आरोपी ने कहा- साजिशन फंसाया गया
सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि उस्मान खान को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। उनका कहना था कि पीड़िता और अन्य पक्षों के बयानों में विरोधाभास है और आरोपी के खिलाफ सबूत पर्याप्त नहीं हैं। इसी आधार पर उन्होंने जमानत या मामले की जल्द सुनवाई की मांग उठाई।
अधिवक्ता बोले- एफएसएल रिपोर्ट अब तक पेश नहीं
अधिवक्ता डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि एफएसएल रिपोर्ट लंबित है और जांच अधिकारी बार-बार समय मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबी देरी के कारण ट्रायल आगे नहीं बढ़ पा रहा है और आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है।
मूल बेंच उपलब्ध नहीं- दूसरी पीठ को भेजा मामला
हाई कोर्ट ने बताया कि इस महीने मूल बेंच उपलब्ध नहीं है। मामले की गंभीरता और आरोपी की मांग को देखते हुए इसे दूसरी एकल पीठ में भेजा जाएगा, जहां अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।
10,000 रुपए जुर्माना जमा- पुराना आदेश निस्तारित
अदालत ने सुनवाई में 03 नवंबर के आदेश का उल्लेख किया। उस आदेश में एफएसएल रिपोर्ट समय पर पेश न करने पर जांच अधिकारी पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया गया था। कोर्ट ने बताया कि जुर्माना जमा हो चुका है और आदेश से संबंधित प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर दिया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उस आदेश में जांच अधिकारी के खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज नहीं की गई थी।



