30 Nov 2025, Sun

वेबसाइट की फर्जी ट्रेनिंग देकर फर्जी वाडा करने वाला गिरफ्तार

खबर शेयर करें-

एसटीएफ साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई – फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट बनाकर ₹46 लाख की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0, नवनीत सिंह द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि साइबर पुलिस स्टेशन, देहरादून पर एक प्रकरण पंजीकृत किया गया था। जिसमें शिकायतकर्ता निवासी डालानवाला, देहरादून ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। जिसमे शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म Golden Bridge Investment (gbiltg.com) के माध्यम से निवेश के लिए जोड़ा गया तथा निवेश हेतु प्रेरित किया गया।

 

अभियुक्त ने फर्जि वेबसाइट पर नकली प्रमाणपत्र/लाइसेंस प्रदर्शित कर शिकायतकर्ता को वैध प्लेटफ़ॉर्म होने का भ्रम दिया गया तथा निवेश पर आभासी लाभ दिखाकर अधिक निवेश करवा लिया गया। जब शिकायतकर्ता ने अपना मूलधन/लाभ वापस लेने का अनुरोध किया तो संचालकों ने विभिन्न बहाने बनाकर बार-बार अग्रिम शुल्क और अतिरिक्त भुगतान माँगे — जिनमें पूंजीगत लाभ कर, मुद्रा रूपांतरण शुल्क और 15% “safeguard money” जैसी मांगें शामिल रहीं। “Golden Bridge Investment (gbiltg.com)” नामक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट के माध्यम से निवेश के नाम पर उनसे ₹46,01,750/- की ठगी की गई।

प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड के दिशा-निर्देशन में मामले का प्रवेक्षण सहायक पुलिस अधीक्षक कुश मिश्रा व विवेचना निरीक्षक श्री आशीष गुसाई द्वारा किया गया। साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा लगातार तकनीकी निगरानी एवं सतत पुलिसिंग से अभियुक्त का लोकेशन ट्रेस कर उसे दबोचा गया। इस प्रकरण का मुख्य अभियुक्त मोहम्मद फैजान पुत्र अनीस निवासी डेरिया, पानी की टंकी, नई बस्ती, जसपुर, जनपद उधमसिंह नगर, उत्तराखंड को गिरफ्तार किया गया।

 

विवेचना के दौरान एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त मोहम्मद फैजान पुत्र अनीस का नाम प्रकाश में आया था। साइबर थाना पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच, कॉल डिटेल्स एवं डिजिटल फुटप्रिंट्स का अध्ययन किया अभियुक्त द्वारा किए गए अपराध पर BNS की सुसंगत धाराओं में विवेचनात्मक कार्यवाही की गई।

 

अभियुक्त ने “Golden Bridge Investment (gbiltg.com)” नामक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म तैयार कर इंटरनेट पर सक्रिय किया और सोशल मीडिया तथा व्हाट्सएप के माध्यम से निवेश के लिए लोगों को प्रलोभन दिया। पीड़ित को वेबसाइट से जोड़ने के लिए एक महिला ने स्वयं को लॉजिस्टिक कंपनी की उद्यमी बताकर विश्वास में लिया। उसने वेबसाइट पर ट्रेडिंग के माध्यम से उच्च लाभ देने का झांसा दिया।पीड़ित ने 23 अप्रैल 2025 से उक्त वेबसाइट के माध्यम से निवेश आरंभ किया। वेबसाइट पर नकली प्रमाणपत्र एवं लाइसेंस दर्शाकर उसे यह विश्वास दिलाया गया कि प्लेटफ़ॉर्म वैध है। जब पीड़ित ने लाभ की निकासी करनी चाही, तो अभियुक्तों ने आर.बी.आई. के नाम पर विभिन्न झूठे शुल्क — जैसे पूंजीगत लाभ कर (Capital Gain Tax), मुद्रा रूपांतरण शुल्क (Currency Conversion Fee) और “15% safeguard money” — जमा कराने को कहा।पीड़ित ने इन झूठे शुल्कों का भुगतान विभिन्न खातों में किया, जो अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग व्यक्तियों/संस्थाओं के नाम से संचालित थे। इस प्रकार अभियुक्तों ने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट बनाकर तथा झूठे करों और शुल्कों के नाम पर विश्वास में लेकर ₹46,01,750/- की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

 

अभियुक्त ने यह भी खुलासा किया कि वह लगातार फर्जी वेबसाइट पर नकली प्रमाणपत्र/लाइसेंस प्रदर्शित कर पहचान पत्र, अलग-अलग मोबाइल नंबर और विभिन्न बैंक खातों का प्रयोग करके धोखाधड़ी करता था, ताकि पीड़ितों को ठगा जा सके और पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।

 

अभियुक्त का नाम व पता – मोहम्मद फैजान पुत्र अनीस निवासी डेरिया, पानी की टंकी, नई बस्ती, जसपुर, जनपद उधमसिंह नगर, उत्तराखंड