बेहड़ के साथ हुई घटना पर कांग्रेस में आक्रोश, वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर धरने की तैयारी

किच्छा। नगर पालिका चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच हुए विवाद के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से कड़ा आक्रोश जताया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि तिलकराज बेहड़ उत्तराखंड के वरिष्ठतम नेताओं में शामिल हैं। वे लंबे समय तक विधायक रहे हैं और पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं। ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के साथ कथित हाथापाई और अभद्र व्यवहार की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मामले को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं—यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल—से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाकर घटना की निंदा करने के साथ आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मामले में दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता राज्यपाल या मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने जैसे लोकतांत्रिक कदम पर विचार कर सकते हैं। उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति को लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और दबाव की राजनीति का सहारा नहीं लेना चाहिए।
किच्छा की घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठ रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन और सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।
अखबार के लिए इसे आरोपों को स्पष्ट रूप से संबंधित बयान के रूप में रखते हुए इस तरह लिखा जा सकता है। किच्छा में स्ट्रांग रूम के बाहर तिलकराज बेहड़ और राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच विवाद की खबरें सामने आई हैं।
बेहड़ के साथ हुई घटना पर कांग्रेस में आक्रोश, वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर धरने की तैयारी
किच्छा। नगर पालिका चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच हुए विवाद के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से कड़ा आक्रोश जताया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि तिलकराज बेहड़ उत्तराखंड के वरिष्ठतम नेताओं में शामिल हैं। वे लंबे समय तक विधायक रहे हैं और पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं। ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के साथ कथित हाथापाई और अभद्र व्यवहार की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मामले को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं—यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल—से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाकर घटना की निंदा करने के साथ आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मामले में दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता राज्यपाल या मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने जैसे लोकतांत्रिक कदम पर विचार कर सकते हैं। उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति को लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और दबाव की राजनीति का सहारा नहीं लेना चाहिए।
किच्छा की घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठ रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन और सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है
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