19 Oct 2026, Mon

मामूली घरेलू विवाद बना खूनी संग्राम, 70 वर्षीय मां की पीट-पीटकर हत्या

खबर शेयर करें-

रिश्तों के मलबे में दबा इंसानियत का चेहरा, मामूली घरेलू विवाद बना खूनी संग्राम, 70 वर्षीय मां की पीट-पीटकर हत्या

 

दिनेशपुर फिर दहला: मामूली घरेलू विवाद बना खूनी संग्राम, 70 वर्षीय मां की पीट-पीटकर हत्या — रिश्तों के मलबे में दबा इंसानियत का चेहरा।

रुद्रपुर -दिनेशपुर एक बार फिर सुर्खियों में है, और वजह है एक ऐसी हृदय विदारक घटना जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पारिवारिक कलह की चिंगारी ने इस बार ऐसा विकराल रूप लिया कि 70 वर्षीय वृद्ध महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। जिस आंगन में कभी हंसी गूंजती थी, वहीं खून के छींटों ने रिश्तों का असली चेहरा बेनकाब कर दिया।

जानकारी के अनुसार प्रसेनजीत शाह का विवाह चार वर्ष पूर्व काशीपुर निवासी सुरभि से हुआ था। शादी के शुरुआती दिनों से ही परिवार में तनातनी की स्थिति बनी रहती थी। पड़ोसियों का कहना है कि आए दिन घर से झगड़े की आवाजें सुनाई देती थीं। छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते विवाद धीरे-धीरे मनमुटाव से होते हुए वैमनस्य में बदल गए। बीती रात भी कथित तौर पर मामूली कहासुनी हुई, लेकिन इस बार बात इतनी बढ़ी कि बहू ने अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मोहल्ले को सन्न कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घर में घुसकर पति और सास के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को धक्का देकर गिराया गया और उन्हें बुरी तरह पीटा गया। उम्र और शारीरिक कमजोरी के चलते वे इस हिंसा को सह नहीं सकीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। एक मां, जिसने अपने बेटे को पाला-पोसा, उसी घर में असहाय पड़ी रही और किसी को यह अंदाजा भी नहीं था कि एक घरेलू विवाद उसकी जीवन लीला समाप्त कर देगा।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बहू समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

दिनेशपुर और आसपास के इलाकों में इस तरह की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर बस्तियों में जहां बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, नशाखोरी और पारिवारिक तनाव अक्सर हिंसा का रूप ले लेते हैं। कई मामलों में छोटी सी कहासुनी सामूहिक मारपीट में बदल जाती है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि संवाद की कमी, कानूनी जागरूकता का अभाव और सामाजिक दबाव ऐसे मामलों को और जटिल बना देते हैं। पहले भी क्षेत्र में संपत्ति विवाद, घरेलू कलह और आपसी रंजिश के कारण मारपीट और हत्या जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो यह बताती हैं कि समस्या केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक ताने-बाने में गहराई तक पैठ बना चुकी है।

यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज के उस दर्दनाक सच की तस्वीर है जहां रिश्ते भरोसे के बजाय अहंकार और प्रतिशोध की आग में जल रहे हैं। सवाल यह है कि क्या परिवारों के भीतर बढ़ती कटुता और असहिष्णुता को समय रहते रोका जा सकता है, या फिर ऐसे ही आंगनों में माताओं की अर्थियां उठती रहेंगी। दिनेशपुर की यह घटना चेतावनी है कि अगर संवाद, संयम और सामाजिक जिम्मेदारी को नहीं अपनाया गया, तो रिश्तों का यह विघटन और भी भयावह रूप ले सकता है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement