रुद्रपुर…. खेड़ा निवासी रुद्रपुए के युवा व्यापारी इरफान अली द्वारा बताया गया कि उन्होंने लगभग दो वर्ष पूर्व चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी से डिजायर कार फाइनेंस करवाई थी। पिछले दिनों उनके बेटे को स्पाइनल कॉर्ड में गंभीर बीमार होने के कारण उपचार में लगभग 15 लाख रुपये खर्च हो गए, जिसके चलते आर्थिक परेशानियों के कारण वाहन की दो किश्तें समय पर जमा नहीं हो सकीं।
आरोप है कि 3 मई को चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी द्वारा हरिद्वार में वाहन में बैठे यात्रियों को बीच रास्ते उतारकर गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया गया। इसके बाद जब इरफान अली ने रुद्रपुर स्थित कंपनी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से वार्ता की तो कंपनी कर्मचारियों द्वारा दूसरी गाड़ी, जिसे कंपनी ने नहीं रोका था, उसकी भी किश्तों का हिसाब जोड़ते हुए अनाप-शनाप चार्ज लगाकर परेशान किया जाने लगा।
इरफान अली द्वारा टूटी हुई दो किश्तें जमा करने की बात कही गई, लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया गया। इसी के विरोध में आज चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया तथा ढोल बजाकर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की गई।
मामले को बढ़ता देख मौके पर आवास विकास पुलिस एवं एलआईयू की टीम पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस प्रशासन द्वारा चोलामंडलम कंपनी के रीजनल मैनेजर शिवराज ब्रिज से फोन पर वार्ता करवाई गई, जिसमें कल सुबह मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया गया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इस मौके पर मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, सौरभ राज बेहड़, परवेज कुरेशी, उमर अली, मोनिका ढाली, मोहम्मद अशफाक अंसारी, रणजीत सिंह राणा , अनंत बिश्नोई, मारूफ, रेहान, ताहिर, हैरी पन्नू, समप्रीत ग्रोवर, गौरव कुमार, गोविंद सिंह, सरजू सिंह सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।






