उत्तराखंड विधानसभा चुनाव: जिताऊ कैंडिडेट के लिए भाजपा का सर्वे शुरू, जून में एक्टिव होगी कांग्रेस
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जिताई कैंडिडेट को लेकर सर्वे शुरू कर दिया है. भाजपा ने इसके लिए कई कैटेगरी तैयार की है.
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव: जिताऊ कैंडिडेट के लिए भाजपा का सर्वे शुरू, कांग्रेस जून में होगी एक्टिव
देहरादून: देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब आगामी साल 2027 में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं. इसके दृष्टिगत प्रदेश की दोनों मुख्य पार्टियां भाजपा और कांग्रेस, जनता के बीच अपनी पकड़ और मौजूदा स्थिति को जानने को लेकर सर्वे पर जोर दे रही है. वर्तमान समय तक भाजपा प्रदेश के तमाम विधानसभा क्षेत्रों में दो बार सर्वे करवा चुकी है. वहीं, कांग्रेस पार्टी भी इंटरनल सर्वे करवा चुकी है. ऐसे में दोनों पार्टियों की ओर से अभी कई दौर के सर्वे कराया जाना है. ताकि जिन विधानसभा सीटों में पार्टी कमजोर है उसको मजबूत करने की रणनीति भी बनाई जा सके. आखिर क्या है दोनों राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के सभी विधानसभाओं की मौजूदा स्थिति? आइए इस रिपोर्ट में जानते हैं.
पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद उत्तराखंड बीजेपी काफी उत्साहित नजर आ रही है. इस जीत के बाद भाजपा को उम्मीद है कि उत्तराखंड में भाजपा पहली बार हैट्रिक लगाते हुए सत्ता पर काबिज होगी. जिसके दृष्टिगत भाजपा प्रदेश संगठन की ओर से ग्राउंड जीरो पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उत्तराखंड में साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं. उससे पहले इस चुनावी वर्ष में प्रदेश की दोनों मुख्य पार्टियां भाजपा और कांग्रेस चुनावी रणनीतियों को तैयार करने में जुटी हुई है. जहां एक ओर भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है. वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी उत्तराखंड दौरे पर है.
जिताऊ कैंडिडेट के लिए भाजपा का सर्वे शुरू
साल 2027 विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के लिए नाक और साख का सवाल बनी हुई है. क्योंकि भाजपा तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए चुनावी मैदान में उतरेगी. तो पिछले 10 सालों से वनवास काट रही कांग्रेस इस बार सत्ता पर काबिज होने के लिए मैदान में उतरने जा रही है. यही वजह है कि दोनों पार्टियों किसी भी हाल में इस चुनाव को जीतने के लिए जी तोड़ मेहनत में जुट गई है.
बहरहाल, साल 2027 के नतीजे क्या होंगे? यह तो विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद ही पता चलेगा. लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अभी से ही जीत का दम भर रही है. भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में 60 सीटों को जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस 50 सीटों को जीतकर सत्ता पर काबिज होने की रणनीति बना रही है.
किसी भी विधानसभा चुनाव से पहले का चुनावी वर्ष राजनीतिक पार्टियों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है. क्योंकि चुनावी वर्ष ही राजनीतिक पार्टियों के लिए तैयारी का एक समय होता है जिस दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही चुनाव जीतने की रणनीतियां तैयार की जाती है. जिसके मद्देनजर प्रदेश भाजपा संगठन की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में दो दौर के सर्वे कराए जा चुके हैं. भाजपा के लिए सर्वे इसलिए भी जरूरी है क्योंकि उनके सिटिंग विधायकों की मौजूदा स्थिति और जनता के बीच उनकी साख का पता लगाना है कि वह आगामी चुनाव में जिताऊ कैंडिडेट साबित हो सकते हैं या फिर नहीं? हालांकि, प्रदेश कांग्रेस की ओर से अभी सर्वे का काम शुरू नहीं किया गया है. लेकिन संभावना जताई जा रही है कि 15 जून के बाद चुनावी रणनीति तैयार करने की दिशा में कांग्रेस आगे बढ़ेगी.
ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि,
भाजपा संगठन की ओर से अपने कार्यों की समीक्षा की जाती है जिसमें संगठन स्तर पर कार्यों की स्थिति, लाभार्थियों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं की स्थिति के साथ ही जनप्रतिनिधियों के कार्यों की समीक्षा की जाती है. साथ ही सर्वे के माध्यम से रिपोर्ट तैयार की जाती है और फिर रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए किन-किन बिंदुओं पर सुधार की जरूरत है? उसे पर ध्यान दिया जाता है.
पिछले कुछ विधानसभा चुनावों के दौरान विधानसभा सीटों पर भाजपा की स्थिति क्या हैय़ इसकी समीक्षा की गई है. इसके अलावा जिन विधानसभा सीटों पर पहले चुनावों में बीजेपी जीती थी, लेकिन साल 2022 के चुनाव में उस सीट को भाजपा नहीं जीत पाई है, उसके लिए अलग से रणनीति तैयार की गई है.
-मनवीर चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी, भाजपा-
मनवीन चौहान ने कहा कि, इसी तरह, जिन विधानसभा सीटों पर भाजपा अभी तक चुनाव नहीं जीती है, उन सीटों के लिए संगठन की ओर से अलग से रणनीति तैयार की गई है. कुल मिलाकर भाजपा 60 के पार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए रणनीति तैयार कर रही है. ऐसे में आगामी साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी. मनवीर चौहान ने कहा कि, भाजपा अपने कार्यों की समीक्षा के लिए प्रदेश के सभी विधानसभा सीटों पर सर्वे करती है. सर्वे का मुख्य उद्देश्य यही है कि कर्मियों को चिन्हित करते हुए उन कमियों को दूर करना है. जिसका एक अच्छा परिणाम पार्टी को चुनाव के दौरान मिलता है.
ज्यादा जानकारी देते हुए कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि,
चुनाव से पहले कई स्तर के सर्वे कराए जाते हैं. जिसमें एक गुप्त सर्वे कांग्रेस आलाकमान की ओर से कराया जाता है. जिसकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व को भी नहीं होती है. वर्तमान समय में कांग्रेस के पास जो विधानसभा सीटें हैं, उसको दोबारा जीतने पर काम होगा. जिन विधानसभा सीटों पर कांग्रेस बेहद कम मार्जिन से चुनाव हारी है, उन सीटों पर अलग तरीके से काम होगा और जिन सीटों को कांग्रेस बड़े मार्जिन से हारी, उस पर और अलग तरीके से काम किया जाएगा. ऐसे में प्रदेश के सभी विधानसभा सीटों को कैटेगरी वाइज बनाकर चुनाव की रणनीतियां तैयार कर काम किया जाएगा. ऐसे में कांग्रेस का लक्ष्य इस विधानसभा चुनाव में 50 सीटों को जीतने का है.
-सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस-
सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि, 15 जून तक प्रदेश प्रभारी का दौरा निपट जाएगा. उसके बाद कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया पर काम करेगी.






