गौ सेवा के समर्पित चेहरे विराट आर्य को मिले गौ सेवा आयोग में महत्वपूर्ण दायित्व : सोशल मीडिया पर उठी मांग

रुद्रपुर। उत्तराखंड में गौ संरक्षण और गौ सेवा को लेकर सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता विराट आर्य को उत्तराखंड सरकार में गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किए जाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर बड़ी संख्या में लोग और गौ सेवक इस मांग का समर्थन करते हुए सरकार से गौ सेवा के क्षेत्र में वास्तविक रूप से कार्य करने वाले लोगों को प्राथमिकता देने की अपील कर रहे हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने जून माह के प्रथम सप्ताह में भूपेंद्र सिंह कंडारी को गौ सेवा आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और गौ सेवकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि गौ संरक्षण और गौ सेवा के क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी ऐसे दायित्वों में अवसर मिलना चाहिए।

उधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर निवासी विराट आर्य लंबे समय से गौ सेवा के कार्यों में जुटे हुए हैं। घायल, बीमार और बेसहारा गौवंश की सेवा से लेकर उनके उपचार, संरक्षण और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के कार्यों में उनकी टीम दिन-रात सक्रिय रहती है। स्थानीय स्तर पर गौ रक्षा और गौ सेवा के क्षेत्र में उनका नाम एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है।
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में कई लोगों का मानना है कि समाज सेवा के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले व्यक्तियों को सरकारी दायित्वों में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। समर्थकों का कहना है कि यदि गौ सेवा आयोग में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी मिलेगी, जो धरातल पर लगातार काम कर रहे हैं, तो गौ संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
लोगों का कहना है कि राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव के साथ-साथ सामाजिक सेवा का वास्तविक अनुभव भी दायित्व निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार होना चाहिए। इसी सोच के साथ विराट आर्य को गौ सेवा आयोग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की मांग सोशल मीडिया पर लगातार जोर पकड़ रही है।
(नोट: यह मांग विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सोशल मीडिया पर व्यक्त की जा रही जनभावनाओं पर आधारित है। नियुक्तियों से संबंधित अंतिम निर्णय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।)






