भागवत के दौरे से पहले RSS पर अमेरिकी संस्था की सख्ती, भारत ने दिया करारा जवाब

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन दौरे से पहले अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग USCIRF ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेताओं के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आयोग ने अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को उच्चस्तरीय बैठकों और राजनयिक सम्मान से दूर रखने की अपील भी की है।

USCIRF का आरोप है कि RSS से जुड़े कुछ समूहों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के आरोप हैं। आयोग ने अपनी 2026 की रिपोर्ट में भी भारत में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई थी।

भारत के विदेश मंत्रालय ने USCIRF के रुख को खारिज करते हुए आयोग को पक्षपाती और विश्वसनीयता से रहित बताया। विदेश मंत्रालय का कहना है कि आयोग चयनित स्रोतों और पूर्वाग्रहपूर्ण नैरेटिव के आधार पर भारत के बारे में टिप्पणी करता है। भारत ने इसके आरोपों और सिफारिशों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया है।
गौरतलब है कि भागवत का विदेश दौरा 25 अगस्त 2026 से शुरू होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में उनके दौरे से ठीक पहले USCIRF की टिप्पणी ने भारत-अमेरिका संबंधों और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
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