स्कूल, अस्पताल और धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकानों पर हाईकोर्ट सख्त, डीएम को 6 हफ्ते में फैसला लेने के आदेश

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्गों और आवासीय क्षेत्रों के समीप संचालित शराब की दुकानों को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) के समक्ष नया प्रत्यावेदन देने को कहा है। साथ ही निर्देश दिया कि जिलाधिकारी 6 सप्ताह के भीतर सुनवाई कर कानून के अनुसार निर्णय लें।

मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने की।

याचिकाकर्ता नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने अदालत को बताया कि हरिद्वार सहित कई स्थानों पर अस्पताल, स्कूल और आवासीय क्षेत्रों के बेहद करीब शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं। ट्रस्ट के अनुसार भूमानंद अस्पताल और विजडम ग्लोबल स्कूल के पास भी शराब की दुकानें संचालित मिलीं, जिससे स्थानीय नागरिकों, छात्रों और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
याचिका में यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के 15 दिसंबर 2016 के आदेश के अनुसार राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्गों से शराब की दुकानें निर्धारित दूरी पर होनी चाहिए और संवेदनशील स्थानों के आसपास ऐसी दुकानें नहीं चलनी चाहिए। बावजूद इसके कई स्थानों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद संबंधित जिलाधिकारी शिकायतों की जांच कर 6 सप्ताह के भीतर विधिसम्मत निर्णय लेंगे।
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