रामनगर गैंगस्टर एक्ट मामले में तीन दोषियों को 3-3 साल की कठोर कैद, जुर्माना भी लगाया
नैनीताल की विशेष गैंगस्टर अदालत का फैसला, वर्ष 2017 में रामनगर कोतवाली में दर्ज हुआ था मुकदमा
रामनगर/नैनीताल।
रामनगर कोतवाली में वर्ष 2017 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में नैनीताल की विशेष गैंगस्टर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
न्यायालय के आदेश के अनुसार, दोषियों की पहचान मोहम्मद फरमान कुरैशी, साबिर खान और छविराम के रूप में हुई है। यह फैसला द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), नैनीताल कुलदीप शर्मा की अदालत ने सुनाया।
वर्ष 2017 में दर्ज हुआ था मुकदमा
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2017 में आरोपियों पर गिरोह बनाकर चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप थे। मामले में रामनगर कोतवाली में मुकदमा संख्या 315/2017 के तहत उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2/3 में कार्रवाई की गई थी।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कश्मीर सिंह ने की थी। विवेचना पूरी होने के बाद 13 नवंबर 2019 को आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
अदालत ने दोषी ठहराते हुए सुनाई सजा
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर मोहम्मद फरमान कुरैशी, साबिर खान और छविराम को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी ठहराया। 5 अक्टूबर 2026 को दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया गया, जबकि 6 अक्टूबर 2026 को सजा के प्रश्न पर सुनवाई के बाद दंडादेश जारी किया गया।
आदेश के अनुसार, तीनों दोषियों को तीन-तीन वर्ष का कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक दोषी को 15 दिन का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
जेल में बिताई अवधि का मिलेगा समायोजन
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जांच, विचारण और अन्य न्यायिक प्रक्रिया के दौरान दोषियों ने जेल में जो अवधि बिताई है, उसे नियमानुसार सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। न्यायालय के आदेश में दोषियों को फैसले के विरुद्ध निर्धारित समय-सीमा में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के समक्ष अपील करने का अधिकार भी बताया गया है।




