19 Oct 2026, Mon

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026… तैयारियां पूरी, इतने लाख विद्यार्थी होंगे शामिल

खबर शेयर करें-

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026… तैयारियां पूरी, इतने लाख विद्यार्थी होंगे शामिल

 

 

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस वर्ष प्रदेश भर में कुल 2,16,109 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनमें हाईस्कूल के 1,12,660 और इंटरमीडिएट के 1,03,449 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। बोर्ड परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक एकल पाली में आयोजित की जाएंगी।

 

बोर्ड परीक्षाओं के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकल-मुक्त संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिषद मुख्यालय के सभागार में शनिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के सभापति एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती ने की।

 

बैठक में दोनों मंडलों के अपर निदेशक (माध्यमिक), प्रदेश के सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी और संकलन केंद्रों के उप नियंत्रक मौजूद रहे। इस वर्ष प्रदेश भर में कुल 1,261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 156 को संवेदनशील और 6 को अति-संवेदनशील केंद्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। अति-संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की नकल, अव्यवस्था या अनियमितता की संभावना पूरी तरह से रोकी जा सके।

 

परीक्षा सामग्री के सुरक्षित भंडारण और सुचारु वितरण के लिए 13 मुख्य संकलन केंद्र और 26 उप-संकलन केंद्र स्थापित किए गए हैं। परिषद सचिव विनोद कुमार सिमल्टी ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को परीक्षाओं का संचालन पूरी गोपनीयता, सतर्कता और अनुशासन के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने पर जोर दिया।

 

उन्होंने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी। नकल रोकने के लिए जनपद स्तर पर सचल दलों और आंतरिक सचल दलों का गठन किया गया है। इसके अलावा जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

 

बैठक में अपर सचिव बीएमएस रावत, उप सचिव सुषमा गौरव, प्रभारी वित्त अधिकारी दिनेश चंद्र जोशी, शोध अधिकारी शैलेंद्र जोशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। परिषद ने स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement