ज्योलीकोट दूषित पानी मामला: हाईकोर्ट पहुंचा केस, अधिकारियों की रिपोर्ट पर उठे गंभीर सवाल

नैनीताल के ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल की शिकायतों और लोगों के बीमार पड़ने का मामला अब उत्तराखंड हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट में पेश रिपोर्टों में पानी के कई सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद अदालत ने अधिकारियों के रवैये पर कड़ा असंतोष जताया।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 10 में से 7 सैंपल फेल हुए, जबकि स्वास्थ्य विभाग के 5 में से 4 सैंपल पीने योग्य नहीं पाए गए। मामले के बीच जल संस्थान के लैब के सीनियर केमिस्ट योगेंद्र पाल के इस्तीफे ने भी सवाल खड़े किए हैं।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रदेशभर में पेयजल और सीवर लाइनों के ऑडिट के निर्देश दिए हैं और रिपोर्ट तलब की है।
अब बड़ा सवाल—दूषित पानी की शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और इस पूरे मामले में जवाबदेही किसकी तय होगी?
#ज्योलीकोट #नैनीताल #उत्तराखंड #हाईकोर्ट #दूषितपानी






