बेटी और दामाद ने मिलकर की पिता की हत्या, जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा पुलिस ने थाना दन्या क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या मामले का खुलासा करते हुए मृतक की बेटी और दामाद को जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में मृतक की पत्नी की घटना में कोई संलिप्तता नहीं मिली है, जबकि गिरफ्तार दामाद का लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया है।

पुलिस के अनुसार, 22 जून 2026 को ग्राम सैली, तापनी निवासी नारायण दत्त ने थाना दन्या में तहरीर देकर बताया कि 20 जून की रात उनके पुत्र चंद्रशेखर पर उनकी बेटी जानकी पांडे, दामाद धर्मवीर शर्मा (निवासी हांसी, हरियाणा) तथा पत्नी खष्टी देवी ने दराती से हमला किया। गंभीर रूप से घायल चंद्रशेखर की 21 जून को हल्द्वानी में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में थाना दन्या में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस के आधार पर आरोपी धर्मवीर शर्मा (28 वर्ष) और जानकी पांडे (20 वर्ष) को जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि पारिवारिक रंजिश के चलते उन्होंने करीब एक माह पहले ही हत्या की साजिश रच ली थी। आरोपियों का दावा है कि मृतक चंद्रशेखर जानकी के साथ पहले दुर्व्यवहार करता था, जिससे वे नाराज थे। आर्थिक तंगी के कारण धर्मवीर ने अपनी सोने की अंगूठी तथा जानकी ने मंगलसूत्र और झुमके बेचकर वारदात के लिए पैसे जुटाए। इसके बाद 20–21 जून की रात दोनों वाहन से गांव पहुंचे और दराती से हमला कर चंद्रशेखर को मरा समझकर फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दराती और खून से सनी कमीज भी बरामद कर ली है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी धर्मवीर शर्मा के खिलाफ पहले से 12 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें लूट, मारपीट, दंगा और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
वहीं, विवेचना के दौरान मृतक की पत्नी खष्टी देवी के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस ने उन्हें इस मामले में निर्दोष पाया है।
इस पूरे मामले के खुलासे में एसओ दन्या दिनेश नाथ महंत, उपनिरीक्षक कमित जोशी, हेड कांस्टेबल सुशीला राणा, एसओजी और स्थानीय पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






