चंपावत गैंगरेप केस में बड़ा फैसला: तीनों दोषियों को 20-20 साल की सजा

चंपावत। करीब ढाई साल पुराने चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 75-75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 की रात चंपावत के एक गांव में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। पीड़िता की तहरीर पर चंपावत कोतवाली में सोहन सिंह (22 वर्ष), राहुल सिंह (25 वर्ष) और बबलू सिंह (32 वर्ष), निवासी झालाकुड़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।

सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376-डी (सामूहिक दुष्कर्म) के तहत दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास और 75-75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसके अलावा सोहन सिंह और राहुल सिंह को IPC की धारा 342 (गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाना) के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा भी दी गई। न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
हालांकि, न्यायालय ने सोहन सिंह और राहुल सिंह को IPC की धारा 363 (अपहरण) के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।
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