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फूड कारोबारियों को बड़ी राहत, FSSAI ने बदले नियम; अब नहीं रखने होंगे ये रिकॉर्ड

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने छोटे और मध्यम स्तर के खाद्य कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किए गए इन संशोधनों का उद्देश्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना और व्यापारियों पर कागजी कार्रवाई का बोझ कम करना है।

नए नियमों के तहत किराना दुकानदारों, रिटेलर्स, थोक व्यापारियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को अब अपनी दुकान में मौजूद खाद्य उत्पादों का दैनिक स्टॉक रिकॉर्ड रखने की अनिवार्यता से छूट मिल गई है। पहले उन्हें FIFO (First In First Out) और FEFO (First Expiry First Out) के सिद्धांत के अनुसार स्टॉक का रिकॉर्ड रखना पड़ता था, लेकिन अब यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले कारोबारियों के लिए है। खाद्य उत्पादों का निर्माण करने वाली कंपनियों और फैक्ट्रियों को पहले की तरह उत्पादन और स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा, ताकि खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा सरकार ने कई अन्य अहम बदलाव भी किए हैं। अब फूड लाइसेंस को बार-बार रिन्यू कराने की आवश्यकता नहीं होगी, लाइसेंस स्थायी रूप से मान्य रहेगा। साथ ही, रजिस्ट्रेशन के लिए वार्षिक टर्नओवर सीमा बढ़ाई गई है, जिससे अधिक छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी। वहीं रेहड़ी-पटरी और ठेला संचालकों के लिए भी नियमों को सरल बनाया गया है।
सरकार का मानना है कि इन सुधारों से छोटे व्यापारियों का समय और खर्च दोनों बचेंगे, जिससे वे अपने कारोबार के विस्तार और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।






