18 Jul 2026, Sat

यौन शोषण मामले में भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, राज्य सरकार से मांगा जवाब

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यौन शोषण मामले में भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, राज्य सरकार से मांगा जवाब

 

 

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने युवती के कथित यौन शोषण और धमकी के मामले में आरोपी भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई निर्धारित की है तथा राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथपत्र पर याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि पुलिस ने अब तक पीड़िता के दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत बयान दर्ज नहीं किए हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल और एसएसपी से भी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही यह भी कहा गया कि उनके साथ कथित घटना नहीं हुई और उनकी छवि खराब करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।

वहीं राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इससे पहले भी न्यायालय आरोपित की समझौता याचिका और गिरफ्तारी पर रोक संबंधी प्रार्थना पत्र खारिज कर चुका है। मामले की जांच जारी है और अब तक की जांच रिपोर्ट शपथपत्र के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत की जा चुकी है।

अग्रिम जमानत याचिका में नरेश पांडे की ओर से कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान की जाए। हालांकि अदालत ने पूर्व में उपलब्ध ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों, व्हाट्सएप चैट और जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर मामले को गंभीर मानते हुए समझौता (कम्पाउंडिंग) याचिका खारिज कर दी थी।

मल्लीताल कोतवाली में दर्ज मुकदमे के अनुसार, नरेश पांडे पर एक छात्रा को शादी का झूठा झांसा देकर करीब साढ़े तीन वर्ष तक यौन शोषण करने और बाद में धमकी देने का आरोप है। वहीं बाद में युवती ने रिपोर्ट वापस लेने के लिए आवेदन भी दिया। इसके बाद उसने तल्लीताल थाने में तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप लगाया कि निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर नरेश पांडे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का दबाव बनाया गया था। युवती का यह भी आरोप है कि निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए गए, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

फिलहाल मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में लंबित है और न्यायालय के निर्देशानुसार अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।

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