3 Oct 2026, Sat

₹1.10 लाख स्टाइपेंड की मांग पर अड़े पीजी रेजिडेंट डॉक्टर, 8वें दिन भी धरना जारी

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₹1.10 लाख स्टाइपेंड की मांग पर अड़े पीजी रेजिडेंट डॉक्टर, 8वें दिन भी धरना जारी

 

 

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। डॉक्टर पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि वर्तमान स्टाइपेंड ₹71 हजार से बढ़ाकर कम से कम ₹1.10 लाख प्रतिमाह किया जाए।

रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. आकाश चौहान के अनुसार, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पिछले पांच-छह महीनों से सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के समक्ष रखी जा रही है। एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाए जाने के बाद अब पीजी रेजिडेंट डॉक्टर भी अपने लिए सकारात्मक निर्णय की मांग कर रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि पीजी रेजिडेंट इमरजेंसी, आईसीयू और अस्पताल की अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। आंदोलन में जूनियर के साथ सीनियर रेजिडेंट भी शामिल हैं। डॉक्टरों ने सरकार से लिखित आश्वासन देने और जल्द वार्ता कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।

आंदोलन के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की बात भी डॉक्टरों ने कही है। उनका कहना है कि लंबे समय तक आंदोलन जारी रहने पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बताया गया कि प्रदेशभर में 500 से अधिक पीजी रेजिडेंट डॉक्टर आंदोलनरत हैं। वहीं, 11 सितंबर को धामी मंत्रिमंडल ने एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड ₹17 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करने को मंजूरी दी थी। पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

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₹1.10 लाख स्टाइपेंड की मांग पर अड़े पीजी रेजिडेंट डॉक्टर, 8वें दिन भी धरना जारी

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। डॉक्टर पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि वर्तमान स्टाइपेंड ₹71 हजार से बढ़ाकर कम से कम ₹1.10 लाख प्रतिमाह किया जाए।

रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. आकाश चौहान के अनुसार, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पिछले पांच-छह महीनों से सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के समक्ष रखी जा रही है। एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाए जाने के बाद अब पीजी रेजिडेंट डॉक्टर भी अपने लिए सकारात्मक निर्णय की मांग कर रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि पीजी रेजिडेंट इमरजेंसी, आईसीयू और अस्पताल की अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। आंदोलन में जूनियर के साथ सीनियर रेजिडेंट भी शामिल हैं। डॉक्टरों ने सरकार से लिखित आश्वासन देने और जल्द वार्ता कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।

आंदोलन के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की बात भी डॉक्टरों ने कही है। उनका कहना है कि लंबे समय तक आंदोलन जारी रहने पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बताया गया कि प्रदेशभर में 500 से अधिक पीजी रेजिडेंट डॉक्टर आंदोलनरत हैं। वहीं, 11 सितंबर को धामी मंत्रिमंडल ने एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड ₹17 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करने को मंजूरी दी थी। पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।हेडलाइन के कुछ और दमदार विकल्प:

₹71 हजार से ₹1.10 लाख स्टाइपेंड की मांग, दून अस्पताल में पीजी डॉक्टरों का धरना जारी

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