कांग्रेस ने निकाला युवा आक्रोश मशाल जुलूस, केंद्रीय शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.

देहरादून: नीट यूजी पेपर लीक मामले के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी ने आज हल्ला बोला. देर शाम को कांग्रेस ने युवा आक्रोश मशाल जुलूस निकाल कर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.

इस प्रदर्शन में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, उत्तराखंड प्रदेश सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव भी मशाल जुलूस में शामिल हुए. इसके साथ ही युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं में प्रदर्शन में भाग लिया. उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनीत प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में निकाले गए मशाल जुलूस में वरिष्ठ कांग्रेस जनों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. सभी ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.
विनीत भट्ट का कहना है कि देश के लाखों युवा सीमित संसाधनों के बावजूद दिन-रात मेहनत करके विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. उनके माता-पिता भी अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए जीवन भर की पूंजी और उम्मीदें लगाते हैं. पेपर लीक इन उम्मीदों पर पानी फेर देते हैं. उन्होंने कहा लगातार हो रहे पेपर लीक घोटाला ने युवाओं के सपनों को तोड़ने का काम किया है.
कांग्रेस जनों ने कहा कुछ लोग धन के लालच में परीक्षा प्रणाली को भ्रष्ट कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं. इससे अनेक छात्र छात्रएं निराशा और हताशा का शिकार हो रहे हैं. कई मामलों में आत्महत्या जैसे कदम उठाने को भी मजबूर हुए हैं. प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया. उन्होंने कहा भाजपा अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधानों की रक्षा के लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी. इसके साथ ही चेताया कि अगर भविष्य में बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय अत्याचार और पेपर लीक जैसी घटनाएं जारी रहेगी तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक व्यापक आंदोलन चलाने पर मजबूर होगी.






