17 Jun 2026, Wed

शस्त्रोंवो का महत्व धर्म रक्षा के लिए, दुरुपयोग से बचें

खबर शेयर करें-

कर्णप्रयाग में निहंगों के उत्पात के बाद हेमकुंड साहिब ट्रस्ट की अपील, शस्त्रोंवो का महत्व धर्म रक्षा के लिए, दुरुपयोग से बचें

 

गोविंदघाट गुरुद्वारा के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने कहा कि श्रद्धालु यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से शस्त्र साथ न लाएं

 

चमोली: मंगलवार को हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आए निहंगों ने उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित कर्णप्रयाग में जमकर उत्पात मचाया था. मामूली विवाद के बाद इन्होंने सड़क को युद्ध का मैदान बना दिया था. तलवारों से किए गए हमले में कई लोग घायल हो गए थे. इस घटना की देश भर में आलोचना हुई थी. गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट, गोविंदघाट ने भी घटना की निंदा करते हुए सिख श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है. उधर भाकपा माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने धारधार हथियारों से लोगों पर हमला करने के दोषियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.

 

सिख श्रद्धालुओं से अपील: गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट, गोविंदघाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने पवित्र श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से आपसी सद्भाव, अनुशासन और शांति बनाए रखने की अपील की है.

 

गोविंदघाट गुरुद्वारा के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने की अपील (Etv Bharat)

सिख श्रद्धालुओं से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील: ट्रस्ट की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि 23 मई से प्रारंभ हुई श्री हेमकुंड साहिब यात्रा में अब तक हजारों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है. सभी श्रद्धालु यात्रा के महत्व और उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए श्रद्धा एवं मर्यादा के साथ यात्रा करें तथा ऐसा कोई कार्य न करें जिससे धार्मिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचे. यात्रा के दौरान वाद-विवाद से बचें और कानून व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें.

 

शस्त्रों का महत्व धर्म की रक्षा के लिए है, दुरुपयोग के लिए नहीं: अपील में कहा गया है कि सिख धर्म में शस्त्रों का महत्व धर्म की रक्षा के लिए है, न कि उनके दुरुपयोग के लिए. इसलिए श्रद्धालु यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से शस्त्र साथ न लाएं. विशेष रूप से यात्रा पर आने वाले छोटे बच्चों को किसी भी प्रकार के शस्त्र साथ रखने से बचाया जाए.

 

शांतिप्रिय राज्य है उत्तराखंड: ट्रस्ट की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड एक शांतिप्रिय राज्य है, जिसकी पहचान देश-दुनिया में देवभूमि के रूप में है. यहां श्री बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम, मां गंगोत्री, मां यमुनोत्री सहित अनेक पवित्र तीर्थस्थल स्थित हैं. इन्हीं पावन स्थलों में श्री हेमकुंड साहिब का भी विशेष धार्मिक महत्व है.

 

सिख श्रद्धालुओं से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील: उन्होंने कहा कि सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं. अतः श्रद्धालु यात्रा को पूरी आस्था, श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न करें. किसी भी प्रकार के विवाद या समस्या की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं.

 

इंद्रेश मैखुरी ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करने की मांग की: राज्य आंदोलनकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और भाकपा माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने भी कर्णप्रयाग में हुई घटना पर रोष जताया है. मैखुरी ने कहा कि-

 

कर्णप्रयाग में सिख तीर्थ यात्रियों व स्थानीय लोगों के बीच हुआ विवाद बेहद अफसोसजनक है, निंदनीय है.

 

सिख तीर्थ यात्रियों के पास धार्मिक चिन्ह के तौर पर जो भी हथियार हैं, वे मामूली विवाद, कहासुनी में लहराने और लोगों पर हमला करने के लिए नहीं हैं. उनका ऐसा जानलेवा प्रयोग निंदनीय है और उस पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए.

 

आज के विवाद में धारधार हथियारों से लोगों पर हमला करने के दोषी सिख यात्रियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए. -इंद्रेश मैखुरी, राज्य सचिव, भाकपा माले-