19 Aug 2026, Wed

मानसून की बरसाती सिल्ट से बिजली उत्पादन प्रभावित, सीमित कटौती की नौबत

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मानसून की बरसाती सिल्ट से बिजली उत्पादन प्रभावित, सीमित कटौती की नौबत

 

देहरादून। प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के चलते नदियों में बढ़े सिल्ट (गाद) ने जलविद्युत परियोजनाओं के बिजली उत्पादन पर असर डालना शुरू कर दिया है। वहीं कुछ उत्पादन इकाइयों में तकनीकी खराबी आने से करीब 560 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई, जिसके कारण उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को कई क्षेत्रों में सीमित अवधि के लिए बिजली रोस्टरिंग करनी पड़ी।

 

यूपीसीएल के अनुसार 31 जुलाई की शाम 7:30 बजे से 1 अगस्त की सुबह 1:10 बजे तक उत्पादन इकाइयों में तकनीकी व्यवधान और नदियों में अत्यधिक सिल्ट के कारण बिजली उपलब्धता प्रभावित रही। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़े अंतर को पाटने के लिए ऊर्जा एक्सचेंजों से अतिरिक्त बिजली खरीदने का प्रयास किया गया, लेकिन पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो सकी।

 

जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़ा असर

 

मानसून के दौरान नदियों में बढ़ी गाद के कारण 120 मेगावाट क्षमता वाली व्यासी और 88 मेगावाट क्षमता वाली चिल्ला जलविद्युत परियोजना का उत्पादन प्रभावित हुआ। इसके अलावा 350 मेगावाट क्षमता वाली एपीएल रायगढ़ इकाई में स्टीम लीकेज की समस्या आने से कुल मिलाकर लगभग 560 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता अचानक कम हो गई।

 

मांग बढ़ी, उपलब्धता घटी

 

उत्पादन में कमी के बावजूद बिजली की मांग सामान्य बनी रही, जिससे आपूर्ति और मांग के बीच अंतर बढ़ गया। ग्रिड की सुरक्षा और संतुलन बनाए रखने के लिए यूपीसीएल को कुछ क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति नियंत्रित (रोस्टरिंग) करनी पड़ी।

 

24 घंटे आपूर्ति का प्रयास जारी

 

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने कहा कि निगम उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और यथासंभव 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि प्राकृतिक परिस्थितियों या तकनीकी कारणों से उत्पादन प्रभावित होने पर ग्रिड की सुरक्षा के लिए सीमित अवधि की रोस्टरिंग आवश्यक हो सकती है।

 

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