19 Jul 2026, Sun

लखनऊ अग्निकांड के बाद उत्तराखंड में एक्शन, कोचिंग सेंटरों का फायर ऑडिट शुरू

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लखनऊ अग्निकांड के बाद उत्तराखंड में एक्शन, कोचिंग सेंटरों का फायर ऑडिट शुरू

 

लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश भर में फायर ऑडिट के निर्देश दिए थे.

हरिद्वार: लखनऊ अग्निकांड के बाद हरिद्वार और उधम सिंह नगर जनपद में बिना फायर एनओसी चल रहे तमाम कोचिंग सेंटर, होटलों और कमर्शियल बिल्डिंगों की जांच शुरू हो गई है. एसएसपी के निर्देश पर टीम द्वारा जनपदों में विभिन्न कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी का किया फायर ऑडिट किया. इसके साथ ही पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को अग्नि सुरक्षा संबंधी जानकारी देकर जागरूक भी किया.

फायर स्टेशन रुड़की की टीम द्वारा अग्नि सुरक्षा को लेकर रुड़की क्षेत्रांतर्गत एसएस क्लासेस रामनगर रुड़की, रिनाउन क्लासेस रामनगर रुड़की, चाणक्य क्लासेस वसंत विहार मकतूलपुरी रुड़की, छाया कोचिंग सेंटर रामनगर रुड़की और ग्लोबल लाइब्रेरी निकट हेमन्त हॉस्पिटल रुड़की का फायर ऑडिट किया गया. साथ ही उनमें पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को अग्नि सुरक्षा की जानकारी प्रदान कर जागरूक किया गया.

इसके अलावा फैक्ट्रियों, होटल और शॉपिंग मॉल का भी फायर सेफ्टी ऑडिट होगा, एसएसपी ने टीमों का गठन कर दिया है. हरिद्वार में भी कई छोटे बड़े होटल संचालित हो रहे हैं, जिनमें से कई के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है. यानी अगर किसी अनहोनी के चलते ऐसी बिल्डिंगों में आग लगती है तो यहां आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम ही नहीं है. हालांकि लखनऊ और दिल्ली जैसे घटनाओं के बाद पुलिस-प्रशासन एक्शन में जरूर दिख रहा है. यहीं कारण है कि हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह ने अधिकारियों को व्यावसायिक इमारतों और सार्वजनिक भवनों के सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए हैं.

इंडस्ट्रियल एरिया में भी होगा सेफ्टी ऑडिट: हरिद्वार के सिडकुल, बहादराबाद, भगवानपुर और ओल्ड इंडस्ट्री एरिया में हजारों छोटी बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जिनमें लाखों श्रमिक काम करते हैं. अक्सर कबाड़ और प्लास्टिक के गोदामों में आग लगने की घटनाएं सामने भी आती रहती हैं. इसलिए इन फैक्टियों में भी फायर ऑडिट करने के साथ साथ अन्य सेफ्टी ऑडिट भी करना जरुरी माना जा रहा है.

एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि हाल ही में हुए लखनऊ अग्निकांड के बाद हरिद्वार में भी फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जा रहा है. कोचिंग संस्थानों के अलावा फैक्टियों, शॉपिंग मॉल, होटल, अस्पताल, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों में फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच की जाएगी. फायर उपकरणों कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों और सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया जाएगा. जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उधम सिंह नगर में भी औचक निरीक्षण: उधम सिंह नगर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी ईशान कटारिया ने अपनी टीम के साथ रुद्रपुर के आवास विकास क्षेत्र में स्थित कई कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों, अग्निशमन यंत्रों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई. मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान तीन कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों में खामियां पाई गईं, जिसके चलते उन्हें नोटिस जारी किया गया है। वहीं एक संस्थान में अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक उपकरण और व्यवस्थाएं संतोषजनक स्थिति में पाई गईं.

ईशान कटारिया ने कहा कि सभी कोचिंग सेंटर, स्कूल, अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट और मॉल संचालकों को निर्देशित किया जा रहा है कि वे अपने संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों को पूरी तरह क्रियाशील रखें तथा समय पर फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई संस्थान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.