उत्तराखंड में पेंशन घोटाला उजागर: अपात्रों से होगी 16.89 करोड़ की वसूली
देहरादून, उत्तराखंड में सामने आए बहुचर्चित पेंशन घोटाले को लेकर राज्य सरकार अब एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग में हुए इस घोटाले पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। ताज़ा जांच रिपोर्ट के मुताबिक 1377 संदिग्ध मामलों की जांच पूरी कर ली गई है, जिनमें से 653 लोग पेंशन के लिए अपात्र पाए गए हैं।
जांच समिति ने इन अपात्र लाभार्थियों से करीब 16.89 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि की वसूली की सिफारिश की है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई लोगों ने फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर न केवल पेंशन हासिल की, बल्कि कुछ मामलों में दोहरी पेंशन का भी लाभ उठाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस घोटाले में कुछ सरकारी सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल पाए गए हैं।
जांच में 565 मामले राज्य आंदोलनकारी कोटे से जुड़े सामने आए हैं, जहां नियमों को दरकिनार कर पेंशन लेने के आरोप लगे हैं। इसके अलावा, तहसील स्तर पर फर्जी दस्तावेज जारी करने में अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिन पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सरकार ने फिलहाल सभी संदिग्ध खातों की पेंशन पर रोक लगा दी है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री धामी बड़े स्तर पर कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं, जिसमें दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों पर विभागीय दंड भी शामिल हो सकता है।






