19 Aug 2026, Wed

पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर सियासी घमासान तेज

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पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर सियासी घमासान तेज

 

 

 

 

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद अब इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देश की एकता, सुरक्षा और विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बात की। इसी दौरान उन्होंने वैचारिक स्तर पर देश को नुकसान पहुंचाने वाली प्रवृत्तियों का जिक्र करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया।

 

पीएम के इस बयान के बाद विपक्षी दलों और नेताओं की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार असहमति की आवाजों और आलोचकों को अलग-अलग शब्दों के जरिए निशाना बना रही है। वहीं, भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री के बयान का बचाव करते हुए कहा जा रहा है कि देश विरोधी और विभाजनकारी सोच के खिलाफ समाज को सतर्क रहना जरूरी है।

 

‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर अब राजनीतिक बहस सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक पहुंच गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन सकता है।#दिमागीनक्सल #पीएममोदी #लालकिलाभाषण #सियासत #संवादन्यूज़9