100 करोड़ के साम्राज्य का दावा, फर्जी IAS गिरफ्तार; टेस्ला, विदेशी शराब और हिरण के सींग बरामद
‘भारत सरकार’ बोर्ड लगी गाड़ियों से लेकर 23 क्रेडिट कार्ड तक जब्त, खुद को NSA अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताता था आरोपी
खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार में शनिवार रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित फर्जी आईएएस अधिकारी मनीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था और कथित तौर पर ठगी करता था। पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण सामान और दस्तावेज बरामद किए हैं।

खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर डीआईयू, गोगरी डीएसपी चंदन ठाकुर और गोगरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक घर के बाहर टेस्ला इलेक्ट्रिक कार और सफारी खड़ी मिलीं। दोनों वाहनों पर ‘भारत सरकार’ लिखा बोर्ड लगा था। पूछताछ में मनीष ने दोनों वाहनों को अपना बताया, लेकिन सरकारी बोर्ड लगाने के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

मोबाइल में दिखाया कथित IAS पहचान पत्र
पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए मोबाइल में कथित पहचान पत्र भी दिखाया। पुलिस ने इसका प्रिंटआउट जब्त कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट होने का दावा भी किया, हालांकि प्रारंभिक सत्यापन में यह दावा गलत पाया गया।

23 क्रेडिट और करीब 8 डेबिट कार्ड बरामद
छापेमारी में अलग-अलग बैंकों और कंपनियों के 23 क्रेडिट कार्ड और करीब 8 डेबिट कार्ड, चार बैंकों की चेकबुक तथा घर में लगे 11 सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। इसके अलावा पांच एप्पल आईफोन भी बरामद किए गए हैं।
विदेशी शराब और बारहसिंघा के सींग भी मिले
पुलिस के मुताबिक घर से करीब 31 लीटर महंगी विदेशी शराब और बारहसिंघा के दो सींग भी बरामद हुए हैं। वन्यजीव से जुड़े सामान को लेकर भी संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस बरामद सामान की विस्तृत जांच कर रही है।
100 करोड़ की संपत्ति होने का पुलिस को शक
खगड़िया पुलिस के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर धौंस और ठगी के जरिए बड़ी संपत्ति अर्जित की है। पुलिस का कहना है कि उसके पास करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की संभावना है। इस पहलू की जांच के लिए पटना से आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई की टीम को बुलाया जाएगा।
गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने मनीष कुमार गुप्ता को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों, बैंक कार्ड, वाहनों और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित सरकारी पहचान और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट : अमन कुमार पाठक
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